मरे जानवर न उठाने पर 15 साल के दलित लड़के को पीटा

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अहमदाबाद गुजरात में अहमदाबाद से महज 40 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव भावरा में 15 साल के एक दलित लड़के की बेरहमी से पिटाई की गई है। उसके शरीर पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं। गांव के ही दो लोगों ने उसे सिर्फ इसलिए बुरी तरह से पीटा क्योंकि उसके पिता ने मरे हुए पशुओं को उठाना बंद कर दिया था।

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गुरुवार को हुई इस घटना को बीते दो दिन से भी अधिक हो चुका है, लेकिन उस लड़के की आंखों में अभी भी खौफ देखा जा सकता है। जब लड़के से पूछा गया कि उसे किसने और क्यों मारा तो उसने बताया कि गांव के ही साहिल ठाकुर और सरवार पठान ने उसे पीटा है। उन्होंने लड़के को रोक कर पूछा कि उन लोगों ने मरे हुए जानवरों को उठाना बंद क्यों किया?

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जैसे ही लड़के ने जवाब में कहा कि अब उसका समाज ये काम नहीं करेगा, तो इस बात से वे दोनों गुस्ता हो गए और उन दोनों ने उस दलित लड़के को पीटना शुरू कर दिया। लड़के का कहना है कि उसने गांव के मुखिया से इसकी शिकायत भी की, लेकिन उसकी शिकायत को भी नजरअंदाज कर दिया गया।

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लड़के के 42 वर्षीय पिता दिनेश परमार कहते हैं कि इस घटना के बाद से ही गांव में रहने वाले करीब 20 दलित परिवारों में भय का माहौल है। उन्होंने बताया कि ऊना में दलितों की पिटाई होने के विरोध में उन्होंने मरे हुए पशुओं को उठाने का काम बंद करने का फैसला किया था। हालांकि, लड़के की शिकायत के बाद दोनों ही आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन दलित परिवारों को डर है कि आरोपियों के परिवार वाले उनसे बदला ले सकते हैं।

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English summary
two men beats fifteen year old boy in bhavra near ahmedabad
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