जानिए, उन कागजों की सच्चाई जिनके आधार पर राहुल गांधी लगा रहे हैं पीएम मोदी पर आरोप

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दिल्ली। गुजरात के मेहसाणा की रैली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जिन दस्तावेजों का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, उनको सुप्रीम कोर्ट पहले ही प्रामाणिक न मानते हुए खारिज कर चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक पीआईएल की सुनवाई करते हुए इन कागजातों को काल्पनिक और अप्रमाणिक करार दिया। यह मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है।

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प्रशांत भूषण ने डाली थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका

वकील प्रशांत भूषण ने राजनीतिक नेताओं को कॉरपोरेट घरानों से मिलने वाले पैसों पर एक पीआईएल सुप्रीम कोर्ट में डाली थी। इन नेताओं में नरेंद्र मोदी का भी नाम था।

राहुल गांधी जिन कागजों की बात कर रहे हैं, वे इसी पीआईएल में सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए गए। इन दस्तावेजों को सहारा और बिड़ला ग्रुप के पास से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जब्त किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने किया डॉक्यूमेंट्स को खारिज

सहारा के इन डॉक्यूमेंट्स के आधार प्रशांत भूषण ने याचिका में नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने 2013 के अक्टूबर और नंवबर में गुजरात के सीएम पद पर रहते हुए सहारा व आदित्य बिड़ला ग्रुप से भारी मात्रा में पैसे लिए।

इस केस की 25 नवंबर को हुई सुनवाई में जस्टिस जे एस खेहर और जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने कहा कि इन डॉक्यूमेंट्स पर यकीन नहीं किया जा सकता। ये प्रामाणिक नहीं हैं और इनके आधार नरेंद्र मोदी के खिलाफ जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। बेंच ने जांच के लिए प्रशांत भूषण से प्रामाणिक दस्तावेज लाने को कहा।

कोर्ट ने कहा, 'दस्तावेजों की प्रामाणिकता जीरो है'

कोर्ट ने प्रशांत भूषण से कहा, 'हम केस की सुनवाई से पीछे नहीं हट रहे लेकिन सामने कुछ तो प्रमाण हो। सहारा और बिड़ला के ठिकानों से जब्त दस्तावेज कुछ भी नहीं हैं। वे शून्य हैं। हमें ठोस सबूत चाहिए।'

कोर्ट ने प्रशांत भूषण को प्रामाणिक दस्तावेज लाने के लिए 14 दिसंबर तक का समय दिया। लेकिन इस समय सीमा के अंदर प्रशांत भूषण कोई और दस्तावेज नहीं ला पाए।

16 दिसंबर को इस पीआईएल पर फिर हुई सुनवाई

16 दिसंबर को जब इस केस की सुनवाई हुई तो प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया कि क्या जस्टिस खेहर इस केस की सुनवाई करने के लिए उपयुक्त हैं जबकि उनके चीफ जस्टिस बनने की फाइल पीएम के पास मंजूरी के लिए गई है।

प्रशांत भूषण के इस व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए बेंच ने सुनवाई स्थगित कर दी। अब इस केस की अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।

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English summary
Congress Vice President Rahul Gandhi referred some documents to attack Prime Minister Narendra Modi for Corruption. Those documents are already disapproved by Supreme Court.
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