गुजरात के CM रुपानी ने किया स्‍वामी महाराज का अंतिम दर्शन, जताया गहरा दुख

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नयी दिल्‍ली। बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम संस्थान (बीएपीएस) के प्रमुख स्वामी महाराज का शनिवार शाम 6 बजे गुजरात के सारंगपुर में निधन हो गया। स्वामीनारायण संस्था के स्थापक और देश-दुनिया में अक्षरधाम मंदिर बनवाने वाले स्वामी महाराज पिछले लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे।

-
-
-
-
-

7 दिसंबर 1921 को जन्मे स्वामी महाराज की उम्र 94 साल थी और पिछले कई महीनों से वेंटिलेटर पर थे। स्‍वामी महाराज के निधन पर पीएम मोदी ने भी गहरा दुख व्‍यक्‍त किया है। वहीं गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रुपानी आज स्‍वामी महाराज के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

रुपानी ने ट्वीट कर कहा कि स्‍वामी महाराज का निधन समाज के लिए एक कभी ना भर पाने वाली क्षति है।

 

900 से ज्‍यादा मंदिर का करवा चुके थे निर्माण 

धर्मगुरु के तौर पर मशहूर स्वामी महाराज ने दुनिया भर में 900 से ज्‍यादा मंदिर का निर्माण करवाया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्वामी महाराज के नाम दर्ज है। उन्होंने 9090 संस्कार केन्द्र शुरू किए और 55000 हजार स्वंयसेवक तैयार किए। अमेरिका के न्यूजर्सी में बन रहा एक मंदिर तो दुनिया में हिंदुओं के सबसे बड़े मंदिर के रूप में आकार ले रहा है। यह मंदिर 162 एकड़ में बनाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य 2017 तक पूरा होगा।

स्‍वामी महाराज का छोटा सा परिचय

स्वामी महाराज ने युवावस्था में ही आध्यात्म का मार्ग अंगीकार कर लिया था। वे शास्त्री महाराज के शिष्य बने और 10 जनवरी 1940 को नारायणस्वरूपदासजी के रूप में उन्होंने अपना आध्यात्मिक सफर शुरू किया। साल 1950 में मात्र 28 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने बीएपीएस के प्रमुख का पद संभाल लिया था। इस समय बीएपीएस में उनकी उम्र की तुलना में अनेकों बड़े संत थे, लेकिन प्रमुख स्वामी की साधुता, नम्रता, करुणा और सेवाभाव के चलते ही उन्हें यह पद दिया गया था।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Pramukh Swami Maharaj passes away, CM Vijay Rupani expresses his condolences.
Please Wait while comments are loading...