सुरेश कलमाड़ी ने भारतीय ओलंपिक संघ का लाइफ प्रेसिडेंट बनने से किया इनकार

खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ के निर्णय पर आपत्ति की और कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

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दिल्ली। भारतीय ओलंपिक संघ ने कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में फंसे सुरेश कलमाड़ी को आजीवन प्रेसिडेंट बनाया तो इस पर बवाल खड़ा हो गया। एक तरफ खेल मंत्रालय ने इस विवादास्पद फैसले के लिए भारतीय ओलंपिक संघ को कारण बताओ नोटिस भेज दिया वहीं दूसरी तरफ खुद सुरेश कलमाड़ी ने आलोचनाओं के मद्देनजर इस पद पर बैठने से इनकार कर दिया। सुरेश कलमाड़ी ने संघ के प्रेसिडेंटट एन रामचंद्रन को पत्र लिखकर कहा, 'भारतीय ओलंपिक संघ ने मुझे लाइफ प्रेसिडेंट बनाकर जो सम्मान दिया है, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं। लेकिन मुझे लगता है कि इस समय इस पद को स्वीकार करना मेरे लिए उचित नहीं होगा।' Read Also :सुरेश कलमाडी, अभय चौटाला बने IOA के लाइफटाइम प्रेसिडेंट

suresh kalmadi

भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे सुरेश कलमाड़ी और पूर्व अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला को भारतीय ओलंपिक संघ ने मंगलवार को चेन्नई में हुई जनरल मीटिंग में लाइफ प्रेसिडेंट बनाया। संघ के इस कदम पर खेल मंत्रालय ने तुरंत आपत्ति की और कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। खेल मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर दोनों को इस पद से हटाया नहीं जाता तो संघ से मंत्रालय का कोई रिश्ता नहीं रहेगा। खेल मंत्रालय के इस कदम के बाद सुरेश कलमाड़ी ने अपने कदम पीछे खींच लिए।

खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा, 'भारतीय ओलंपिक संघ का यह कदम संविधान के विरुद्ध है और यह खेल मंत्रालय को स्वीकार्य नहीं है। मैं इस फैसले से निराश हूं क्योंकि दोनों ही भ्रष्टाचार के केस का सामना कर रहे हैं। हम खेल में पारदर्शिता चाहते हैं। जब तक इन दोनों को हटाया नहीं जाता या ये दोनों इस्तीफा नहीं देते, भारतीय ओलंपिक संघ के साथ खेल मंत्रालय कोई डील नहीं करेगा।' इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन के प्रेसिडेंट नरिंदर बत्रा ने भी इस फैसले की आलोचना की और दोनों को पद से हट जाने को कहा।

सुरेश कलमाड़ी ने तो पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया लेकिन अभय सिंह चौटाला ने अपना बचाव करते हुए खेल मंत्री विजय गोयल पर हमला बोला। चौटाला ने कहा, 'विजय गोयल की प्रतिक्रिया सुनकर मैं चौंक गया हूं। गोयल दावा कर रहे हैं कि मेरे खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार के केस चल रहे हैं। मेरे खिलाफ जो केस हैं वे क्रिमिनल नहीं हैं, राजनीतिक केस हैं। खेल मंत्री के तौर पर गोयल अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकामयाब रहे हैं। मेरी उनको सलाह है कि वे जिम्मेदारी से काम करें और खेलों में मेडल बढ़ाएं ताकि उनको इसका क्रेडिट मिले। वे पूरा तथ्य जाने बिना विवाद में न पड़ें, अपने काम पर फोकस करें।'

विजय गोयल के समर्थन में पिछली सरकार के खेल मंत्री अजय माकन भी आ गए। अजय माकन ने भी भारतीय ओलंपिक संघ के कदम को दुखदायी ठहराते हुए कहा कि यह देश के इमेज और खेल के हित में नहीं है। सुरेश कलमाड़ी 1996 से 2011 के बीच भारतीय ओलंपिक संघ के प्रेसिडेंट रह चुके हैं और वे 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स स्कैंडल में 10 महीने जेल में रह चुके हैं। चौटाला, दिसंबर 2012 से फरवरी 2014 के बीच भारतीय ओलंपिक संघ के प्रेसिडेंट रहे जब चुनावों के दौरान अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने संघ को सस्पेंड कर दिया था क्योंकि इसने ऐसे कैंडिडेट्स को चुनाव में उतारे थे जिनके खिलाफ पहले से चार्जशीट दाखिल थे। भारतीय ओलंपिक संघ के प्रेसिडेंट के तौर पर चौटाला के चुनाव को भी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने रद्द कर दिया था। Read Also:टूट गये कलमाड़ी के अरमान, एशियाई एथेलेटिक्स संघ का चुनाव हारे

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English summary
Suresh Kalmadii declined the position of Indian Olympic Associations's life president as the sports ministry objected and issued show-cause notice to the IOA for this decision.
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