सुप्रीम कोर्ट ने बजट की तारीख पर जल्द सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बजट की तारीख से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। 5 राज्यों में चुनावों की प्रक्रिया 4 फरवरी से शुरू है और बजट 1 फरवरी को सदन के पटल पर रखा जाएगा।

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मांग की गई थी कि केंद्रीय बजट की तारीख को आगे बढ़ाया जाने के विषय में जल्द-जल्द सुनवाई की जाए। वहीं 1 फरवरी को सदन में बजट प्रस्तुत करने का दिन तय हैं। उसके ठीक तीन दिन यानी 4 तारीख से उत्तर प्रदेश,गोवा,उत्तराखण्ड,मणिपुर और पंजाब के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे पहले विपक्ष इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष रख चुका है। विपक्षी दल राष्‍ट्रपति और भारतीय चुनाव आयोग के पास भी गए थे। विपक्षी दलों का कहना था कि 1 फरवीर पेश किया जाने वाला बजट केंद्र सरकार की मदद करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने बजट की तारीख पर जल्द सुनवाई से किया इनकार

इस बाबत कांग्रेस समेत छह विपक्षी दलों ने राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भारतीय चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा है। पत्र में लिखा गया है कि अग्रिम बजट पेश करने से केंद्र सरकार को आने वाले पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में मदद मिल सकती है। आपको बताते चलें कि कैबिनेट कमेटी ऑफ पॉर्लियामेंट्री अफेयर्स ने मंगलवार को 31 जनवरी से अगला बजट सत्र शुरु होने का निर्णय किया है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस समेत विपक्ष की 6 पार्टियों ने राष्ट्रपति और चुनाव आयोग को इस संबंध में पत्र लिखा है।
इन राजनीतिक दलों का कहना है कि केंद्र की बीजेपी सरकार बजट को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए इस्तेमाल कर सकती है। स्‍वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट ट्वीटर पर चुनाव की तारीखों पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने ट्वीट किया है कि साल 2012 में चुनाव के बाद आम बजट पेश किए गए थे लेकिन इस बार चुनाव से 3 दिन पहले क्‍यों? यादव ने ट्वीट किया है और पूछा है कि क्‍या चुनाव आयोग बजट की तारीखों को टालेगा।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि पांच साल पहले यूपीए के कार्यकाल में चुनावों को देखते हुए बजट पेश करने का समय आगे बढ़ाया गया था। 2012 में बजट एक मार्च की बजाय 16 मार्च को पेश किया गया था। उस समय विधानसभा चुनावों को देखते हुए ऐसा फैसला लिया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों की तरफ से इस संबंध में एक ज्ञापन मिला है। उन्‍होंने कहा कि आयोग इस मसले पर जांच के बाद ही फैसला लेगा। ये भी पढ़े: मोदी की काशी में है ऐसा भवन जहां रहकर लोग करते हैं मौत का इंतजार

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English summary
Supreme Court refuses urgent hearing on a plea seeking postponement of Union Budget presentation ahead of Assembly polls in five states.
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