सोनू निगम के खिलाफ अल कादरी ने कोई फतवा जारी नहीं किया क्योंकि...

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नई दिल्ली। अजान पर ट्वीट करके विवादों में आए मशहूर गायक सोनू निगम के खिलाफ फतवा जारी करने वाले वेस्ट बंगाल के यूनाइटेड मॉइनरिटी यूनाइटेड काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट सैयद शा अतेफ अली अल कादरी का एक और विवादित बयान सामने आया है।

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उन्होंने कहा कि कादरी कोई इमाम नहीं हैं, जो कि किसी प्रकार का फतवा जारी कर सकें, मैं तो पैंगबर का 35वां वंशज हूं। उन्होंने ये बात अपने विजिटिंग कार्ड में भी दर्शाई है और कहा है कि मैं तो धर्म गुरू हूं।

मीडिया ने उन्हें मौलाना या मौलवी की तरह पेश किया

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, एक मुस्लिम धर्मगुरू ने कहा है कि मीडिया ने उन्हें मौलाना या मौलवी की तरह पेश किया, जिसके कारण उन्हें इतना हाईलाइट किया जा रहा है जो कि सरासर गलत और बकवास है, मैंने कोई फतवा जारी नहीं किया है। मैंने सिर्फ ऐसा ऑफर किया था कि जो भी सोनू निगम के सर को शेव करेगा, उसे मैं 10 लाख रुपये दूंगा।

सोनू निगम ने खुद ही गंजे हो गए

आपको बता दें कि इस फतवे के बाद गायक सोनू निगम ने खुद ही अपने गंजे हो गए थे। सोनू ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर सभी के सामने अपने बालों को कटवाया था और सोनू का बाल काटने वाले ने कहा था कि मुझे अभी तक 10 लाख रूपए नहीं मिले हैं। आपको बता दें कि मौलवी सैयद कादरी ने कहा था कि सोनू निगम का मुंडन कराकर जूतों की माला पहनकर हिन्दुस्तान में घुमना चाहिए तभी वे 10 लाख रुपये देंगे।

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English summary
He may have stirred a nationwide controversy by announcing a Rs 10 lakh bounty for anyone shaving Bollywood singer Sonu Nigam’s head, but in reality, Syed Sha Atef Ali Al Quaderi is no imam or maulana, and has zero religious authority.
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