16 वर्ष बाद बढ़ाया गया शहीदों के परिवार को मिलने वाला मुआवजा

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नई दिल्‍ली। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने युद्ध में शहीए हुए सैनिकों की पत्नियों को मिलने वाले मुआवजे में इजाफे का ऐलान किया है। अब शहीदों के परिवारवालों को 35 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। मुआवजे की राशि में आखिरी बार वर्ष 1998 में परिवर्तन किया गया था। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे।

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अब बदल गए हैं हालात

16 वर्ष बाद इसमें बदलाव किया गया है। यह बदलाव उस समय हुआ है जब एलओसी पर बड़ी संख्‍या में सैनिक शहीद हो रहे हैं। पांच बड़ी श्रेणियों में इस बदलाव को अंजाम दिया गया है।

रक्षा मंत्री ने मुआवजे की राशि को दोगुने से भी ज्‍यादा कर दिया है। रक्षा मंत्री की ओर से इस बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने के बाद अब लांस नायक हनुमनतप्‍पा जैसे तमाम शहीदों के परिवारों को बड़ी मदद मिल सकेगी।

रक्षा मंत्रालय ने मुआवजे की राशि बढ़ाते समय शहादत की वजहों और एरिया जैसी बातों का भी ध्‍यान रखा है।

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रक्षा मंत्रालय का सर्कुलर

रक्षा मंत्रालय की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है, 'ड्यूटी के समय हुई मृत्‍यु में मुआवजे की राशि को 10 लाख से बढ़ाकर अब 25 लाख कर दिया गया है।'

यह राशि सैनिक के रिश्‍तेदार को उस समय दी जाएगी जब किसी सड़क या ट्रेन एक्‍सीडेंट या फिर दूसरी किसी दुर्घटना में किसी उसकी मृत्‍यु उस सयम हो गई हो जब सैनिक अपनी ड्यूटी पर हो।

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अगर एलओसी पर मिली शहादत

रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि इस रकम को सरकार के वेलफेयर फंड में से दिया जाएगा। इस रकम का उस इंश्‍योरेंस से कोई लेना-देना नहीं होगा जो सैनिक को मिलता है।

वह सैनिक जो सीमा पर या आतंकियों से लड़ते समय शहीद होंगे उनके परिवार वालों को 20 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा।

एक अधिकारी के मुताबिक इसका अर्थ यह है कि एलओसी पर अगर कोई सैनिक शहीद होगा तो उसके परिवार को 35 लाख रुपए बतौर मुआवजा मिलेगा जो कि इससे पहले 15 लाख था।

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सियाचिन और विदेशी जमीन पर शहादत

इंडियन नेवी अब अदन की खाड़ी और सोमालिया के आसपास अपने एक्‍शन को बढ़ा रही है। इन एक्‍शन को भी अब मुआवजे के दायरे में लाया जाएगा। वर्ष 2008 में समुद्री लुटेरों के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत हुई थी।

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अभी तक नेवी के किसी भी कर्मी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अबर कोई सैनिक सियाचिन जैसी जगह पर शहीद होता है तो फिर उसे 35 लाख रुपए दिए जाएंगे। वर्तमान समय में यह रकम 15 लाख रुपए है।

विदेश में मौजूद किसी वॉर जोन में दुश्‍मन से लड़ते हुए अगर कोई सैनिक शहीद होता है तो फिर परिवार को 20 लाख की जगह 45 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा।

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English summary
Defence Minister Manohar Parrikar has increased the compensation for war widows.
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