ऐतिहासिक फैसला: सिंगूर से टाटा मोटर्स को 'टाटा', किसानों को वापस होगी जमीन

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नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए सिंगुर में नैनो प्रोजेक्‍ट के लिए टाटा को 'टाटा' कर दिया है। सीधे शब्‍दों में कहें तो सुप्रीम कोर्ट ने टाटा मोटर्स के जमीन अधिग्रहण को रद्द कर दिया है।
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SC quashes acquisition, orders Bengal govt to return land in 12 weeks

फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि वह सिंगूर की जमीन को अपने कब्जे में ले और किसानों को 12 हफ्तों के भीतर वापस करे। कोर्ट ने कहा कि तत्‍कालीन लेफ्ट सरकार ने जमीन अधिग्रहण मामले में टाटा कंपनी को फायदा पहुंचाया था। कोर्ट ने कहा कि अधिग्रहण का फैसला कानून के मुताबिक सही नहीं था।

ममता ने जाहिर की खुशी

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्‍वागत करते हुए मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि '' फैसले के बाद मेरी आंखों में खुशी के आंसू हैं। मुझे पूरा यकीन है कि आज सिंगुर में जश्न मनाया जाएगा। 2 सितंबर को सिंगुर के हर ब्लॉक में जश्न मनाएंगे। एक सांस्कृतिक उत्सव होगा जिसमें किसानों को सम्मानित किया जाएगा।''
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किसान वापस नहीं करेंगे मुआवजा

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकार की तरफ से दिया हुआ मुआवजा किसान सरकार को वापस नही करेंगे। कोर्ट ने अपने इस फैसले पर कहा कि किसान 10 साल से अपनी जमीन से वंचित रहे। इसलिए मुआवजा वापस करने का सवाल नहीं है।

क्‍या था पूरा मामला?

एक दशक पहले सिंगुर में टाटा मोटर्स ने वाम मोर्चा सरकार के दौरान टाटा की लखटकिया कार के लिए 997 एकड़ भूमि अधिगृहीत की थी। इसे लेकर लोगों ने भारी विरोध जताया था और इस हिंसा में कई लोगों की जान भी गई थी। खुद मौजूदा सीएम ममता बनर्जी ने विरोध की अगुवाई की थी।

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English summary
The Supreme Court Wednesday quashed the land acquisition in West Bengal’s Singur by the Buddhadeb Bhattacharya-led CPM government in 2006 for allotting it to Tata to set up its Nano car factory.
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