शशिकला को जेल, अब क्या करेंगे राज्यपाल विद्यासागर राव?

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चेन्नई। इस वक्त तमिलनाडु की सत्ता में भूचाल आया हुआ है, सीएम की कुर्सी को लेकर मचे घमासान में आज सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला के खिलाफ फैसला सुनाया है जिसके बाद  उनका सीएम बनने का सपना टूट गया है

आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को दी 4 साल जेल की सजा

लेकिन क्या अब  शशिकला के सीएम ना बनने पर पन्नीरसेल्वम ही राज्य के मुख्य मंत्री होंगे, ये सवाल हर किसी के दिमाग में घूम रहा है। इस बारें में अब सबकी निगाहें राज्यपाल विद्यासागर राव पर लगी हैं, जिनके पास अब स्थिति को निपटने के लिए निम्नलिखित 6 विकल्प मौजूद हैं।

क्या राज्यपाल राव विधानसभा भंग कर सकते हैं?

क्या राज्यपाल राव विधानसभा भंग कर सकते हैं?

राज्यपाल ने पन्नीरसेल्वम का इस्तीफा स्वीकार कर लिया लेकिन इस्तीफे के दूसरे दिन ही पन्नीरसेल्वम ने ने यह कहकर सभी को चौंका दिया कि उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि अगर उनके पास बहुमत नहीं हुआ तो वह राज्यपाल से विधानसभा भंग करने के लिए कहेंगे तो क्या ऐसी स्थिति में राज्यपाल ये कदम उठाएंगे और राज्य में फिर से चुनाव होंगे?

विधानसभा निलंबित भी हो सकती है

विधानसभा निलंबित भी हो सकती है

अगर पन्नीरसेल्वम बहुमत साबित नहीं कर पाते हैं तो राज्यपाल विधानसभा को निलंबित भी रख सकते हैं। जो कि राज्य की राजनीति को बड़ा मोड़ देगा।

शक्ति परीक्षण

शक्ति परीक्षण

पन्नीरसेल्वम सदन में अपना बहुमत साबित कर लेते हैं तो राज्यपाल दलबदल विरोधी कानून को देखेंगे और जाचेंगे कि क्या पार्टी से निकाला गया नेता वापस सीएम बन सकता है?

डीएमके का अहम रोल

डीएमके का अहम रोल

अगर ऐसी कोई भी स्थिति बनती है, तो निश्चित ही एआईएडीएमके टूटेगी और पन्नीरसेल्वम नई पार्टी बनाएंगे और अगर ऐसा हुआ तो क्या जयललिता के धुर विरोधी रहे डीएमके इसमें पन्नीरसेल्वम की मदद करेगा?

क्या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा?

क्या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा?

आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को दोषी ठहरा दिया है। ऐसे में राज्यपाल तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं।

 पन्नीरसेल्वम को कार्यवाहक सीएम?

पन्नीरसेल्वम को कार्यवाहक सीएम?

एक स्थिति ऐसी भी बन सकती है, राज्यपाल पन्नीरसेल्वम का इस्तीफा वापस लेकर नए नेता के चुने जाने तक उन्हें कार्यवाहक सीएम बने रहने के लिए कहें।

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English summary
The focus would shift back to the Governor of Tamil Nadu once the verdict in the Jayalalithaa disproportionate assets case is delivered by the Supreme Court of India at 10.30 am on Tuesday. The Governor will have to consider a host of options depending on what the Supreme Court has to say.
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