शशिकला ने बताया, जयललिता की मौत के बाद वह क्यों नहीं बनीं मुख्यमंत्री

शशिकला ने कहा है कि जयललिता की मौत के बाद पन्नीरसेल्वम सहित पार्टी के सभी लोग चाहते थे कि वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनें, लेकिन उन्हें सीएम पद महत्वपूर्ण नहीं लगा।

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चेन्नई। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता की मौत के बाद शशिकला ने मुख्यमंत्री पद ग्रहण नहीं किया था। अब उन्होंने अपने समर्थकों को बताया है कि उस समय उन्होंने मुख्यमंत्री पद ग्रहण क्यों नहीं किया था। शशिकला ने सोमवार को दावा किया है कि जयललिता की मौत के बाद पन्नीरसेल्वम सहित पार्टी के सभी लोग चाहते थे कि वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनें। शशिकला ने कहा कि उस समय उन्हें मुख्यमंत्री पद महत्वपूर्ण नहीं लगा था। शशिकला का कहना है कि वह उस समय अम्मा के पार्थिव शरीर के साथ रहना चाहती थीं।

शशिकला ने बताया, जयललिता के मौत के बाद वह क्यों नहीं बनीं मुख्यमंत्री

शशिकला ने कहा कि पन्नीरसेल्वम एक मामूली इंसान थे, जिन्हें अम्मा ने ऊंचाई तक पहुंचाया। लेकिन आज पार्टी तोड़ने के कोशिश कर रहे पन्नीरसेल्वम ने साबित कर दिया है कि वह कभी भी अम्मा के प्रति वफादार नहीं रहे। शशिकला ने कहा कि 5 दिसंबर को जयललिता की मौत के बाद उन्होंने पन्नीरसेल्वम समेत 5 मंत्रियों को बुलाया था और कहा था कि पन्नीरसेल्वम सीएम पद संभालें और बाकी सभी मंत्री अपने मंत्रालय देखें। शशिकला ने यह भी बताया है कि उन्हें 129 विधायकों का समर्थन हासिल है और वह सरकार बनाने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, 'अगर आप कंघी छुपा देंगे, तो शादी रुक नहीं जाएगी। हम विधानसभा में अम्मा की तस्वीर लगाएंगे। मैं कह सकती हूं कि AIADMK सत्ता में आएगी। हम लगातार दो बार से सत्ता में है। अगली बार भी हम आएंगे। मैं उसके लिए कुछ भी करूंगी।' ये भी पढ़ें- शशिकला बोलीं- 'हमने ऐसे 1000 पन्नीरसेल्वम देखे हैं'

शशिकला ने कहा- जब एमजी रामचंद्रन बीमार थे, तो उन्होंने जयललिता को पार्टी का प्रचार सचिव बनाया था। अम्मा का काम लोगों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना था। जब एमजीआर की मौत हुई तो अम्मा के साथ कोई नहीं था पर मैं उनके साथ थी। जब वह एमजीआर के शव के साथ सेना की गाड़ी में चढ़ीं तो एमजीआर की पत्नी जानकी के कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें गाड़ी से धक्का दे दिया और वह गिर गईं, तो मैंने उन्हें सहारा दिया। एमजीआर की मौत के बाद अम्मा काफी दुखी थीं और राजनीति में लौटना नहीं चाहती थीं, लेकिन मैंने उन्हें ऐसा करने के लिए मना किया। ये भी पढ़ें- तमिलनाडु में सियासी संकट के बीच शशिकला ने किया जयललिता के आखिरी शब्दों का जिक्र

एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला कहती हैं कि उनकी कहानी भी अम्मा के जैसी ही है। वह बोलीं- 'मेरा काम भी पार्टी के कार्यकर्ताओं की अर्जी अम्मा तक पहुंचाना था। मैंने कभी किसी और चीज में दिलचस्पी नहीं ली। मैं उनकी यात्राएं आयोजित करती थी और गठबंधन को लेकर होने वाली बातचीत में शामिल होती थी।' उन्होंने कहा कि वह इस बात से काफी हैरान थीं कि विधानसभा में पन्नीरसेल्वम डीएमके के सदस्यों से दोस्ताना व्यवहार रखते थे। डीएमके नेता दुरईमुरुगन ने कहा है कि अगर पन्नीरसेल्वम सीएम बनते हैं तो वह उन्हें अपना समर्थन दे देंगे। शशिकला ने कहा मुझे उम्मीद थी कि पन्नीरसेल्वम समर्थन के लिए मना कर देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

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English summary
Sasikala explains why she did not assume the post of chief minister after jayalalithaa death
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