यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को लग सकता है बड़ा झटका

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में हाल में चाचा-भतीजे के बीच जो घमासान मचा था उसे पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने हाल फिलहाल के लिए तो रोक लिया था, लेकिन चुनाव के करीब आने के बाद ही यह विवाद एक बार फिर से सामने आता दिख रहा है।

पार्टी में टिकटों को लेकर जिस तरह से चाचा-भतीजे एक बार फिर से एक दूसरे से दो-दो हाथ करने को तैयार दिख रहे हैं उसने ना सिर्फ पार्टी के कार्यकर्ताओं बल्कि मुलायम सिंह की भी मुश्किलें बढ़ा दी होंगी।

अखिलेश-शिवपाल फिर आमने-सामने

एक तरफ जहां शिवपाल यादव ने अपने चहेते लोगों के नाम की लिस्ट टिकट उम्मीदवारों के तौर पर दी है तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी अपनी अलग लिस्ट पार्टी मुखिया के सामने रख दी है। शिवपाल यादव की लिस्ट में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी सहित तमाम विवादित चेहरे हैं तो अखिलेश यादव की लिस्ट से इन लोगों के नाम नदारद हैं।

शिवपाल ने कहा कि टिकटों को लेकर किसी भी तरह का विवाद नहीं

हालांकि शिवपाल यादव ने कहा है कि टिकटों को लेकर किसी भी तरह का विवाद नहीं है और पार्टी के मुखिया इसपर अंतिम फैसला लेंगे, उन्होंने कहा कि आपसी सहमति और विचार के बाद ही टिकटों की घोषणा की जाएगी

अखिलेश समर्थक लड़ सकते हैं निर्दलीय

शिवपाल यादव ने 175 उम्मीदवारं की लिस्ट जारी की है जबकि अखिलेश यादव ने 403 उम्मीदवारों की लिस्ट मुलायम सिंह यादव को दी है। इस लिस्ट में अखिलेश उन तमाम दागी चेहरों से दूरी बनाने की कोशिश करते हुए दिख रहे है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश की लिस्ट से गायत्री प्रजापति का भी नाम गायब है, यही नहीं माना जा रहा है कि अगर सपा सुप्रीमो अखिलेश की टीम को मंजूरी नहीं देते हैं तो तकरीबन 200 उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

दागियों से अखिलेश ने बनाई दूरी

सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव की लिस्ट में तकरीबन 45 मौजूदा विधायकों का टिकट काटा गया है। इसके अलावा अंसारी बंधु, बाहुबली अतीक अहमद, अमनमणि त्रिपाठी का नाम भी इस लिस्ट से गायब है। यही नहीं उन उम्मीदवारों का भी नाम इस लिस्ट में शामिल है जिनका नाम शिवपाल यादव ने अपनी लिस्ट से काट दिया है। ऐसे में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि मुलायम सिंह यादव चाचा-भतीजे के बीच दूसरी किश्त के विवाद को किस तरह से सुलझाते हैं और किन उम्मीदवारों का टिकट काटा जाता है।

मुलायम के लिए बड़ी मुश्किल

सूत्रों की मानें तो यहां एक बात और काफी दिलचस्प बात सामने आ रही है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव के नाम पर चुनावी मैदान में उतरने के पक्ष में नहीं हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस-आरएलडी यह चाहते हैं कि गठबंधन के बाद अखिलेश के नाम पर ही चुनाव मैदान में उतरा जाए जिससे इस गठबंधन को फायदा हो सकता है तो दूसरी तरफ मुलायम सिंह इसके लिए तैयार नहीं हैं।

मुलायम सिंह ने गठबंधन से इनकार कर दिया

हालांकि मुलायम सिंह ने गठबंधन से इनकार कर दिया है और अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है। मुलायम के इस बयान पर जेडीयू नेता शरद यादव ने हैरानी जताते हुए कहा कि मुलायम सिंह ने खुद उन्हें और देवेगौड़ा जी को 5 तारीख को गठबंधन पर बात करने के लिए बुलाया था।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Samajwadi party is all set for the second round of Akhilesh Shivpal clash.Akhilesh supporters likely to contest on independent seat.
Please Wait while comments are loading...