इस बार आप नहीं चख पाएंगे कश्‍मीरी सेब का स्‍वाद क्‍योंकि

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श्रीनगर। आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से जो हालात बने हैं उसमें 75 लोगों की मौत हो चुकी है। घाटी में बिजनेस को भी तगड़ा झटका लगा है और एक अनुमान के मुताबिक अब तक करीब 8,000 करोड़ रुपए का नुकसान घाटी झेल चुकी है। घाटी में सेब के बाग सेब से भर चुके हैं लेकिन इस बार देशवासियों को यहां के सेब चखने का मौका शायद न मिल पाए।

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व्‍यापारियों ने गंवाएं 1,000 करोड़ रुपए

कश्‍मीरी सेब को सबसे मीठा माना जाता है और इस बार कश्‍मीर में सेब की फसल काफी अच्‍छी हुई है। हालातों की वजह से यहां के व्‍यापारियों को इस बार उनकी मेहनत का फल नहीं मिल सकेगा।

ऑल कश्‍मीर फ्रूट ग्रोअर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अहमद बशीर ने बताया है कि उनके लिए इंसानी जिंदगी का नुकसान पैसों के नुकसान से कहीं ज्‍यादा है।

एक अनुमान के मुताबिक कश्‍मीर के फल व्‍यापारियों को पिछले दो माह में करीब 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।

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नवंबर में खत्‍म हो जाएगी सीजन

बशीर उनके नुकसान के लिए राज्‍य सरकार को दोष देते हैं। वह कहते हैं कि कर्फ्यू और प्रतिबंधों की वजह से फलों को कश्‍मीर के बाहर भेज ही नहीं पा रहे हैं।

कश्‍मीर में सेब का सीजन सितंबर से शुरू हो ता है और नवंबर में खत्‍म हो जाता है। बशीर और उनके साथियों ने पिछले वर्ष इसी सीजन में 200 ट्रक सेब रोजाना कश्‍मीर से बाहर भेजे थे।

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जीडीपी में 7,000 करोड़ का योगदान

वर्ष 2015-2016 में सेब का उत्‍पादन 19.43 मीट्रिक टन था। फलों का उत्‍पादन राज्‍य की जीडीपी में प्रतिवर्ष 7,000 करोड़ का योगदान करता है। कश्‍मीर के हालातों का फायदा हिमाचल प्रदेश से आने वाले सेबों को मिल रहा  है। 

एक सरकारी अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक राज्‍य को अशांति और कर्फ्यू की वजह से टूरिज्‍म सेक्‍टर में भी काफी घाटी झेलना पड़ा है।

कर्फ्यू की वजह से पर्यटक नहीं आ रहे और ऐसे में रोजाना करीब पांच करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है।

कश्‍मीर नहीं आ रहे हैं पर्यटक

अगस्‍त से अक्‍टूबर तक का समय कश्‍मीर के लिए पर्यटन का दूसरा सीजन होता है। इस समय अमरनाथ तीर्थयात्रियों के अलावा सेब की खेती और फूलों के बागीचों को देखने के लिए पर्यटक भारी संख्‍या में आते हैं।

मई से जुलाई तक पर्यटन उद्योग अपनी चरम सीमा पर होता है। कश्‍मीर को पिछले दो माह में 51 दिनों के कर्फ्यू की वजह से अब तक करीब 8,000 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।

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English summary
From 8th July till today business in Kashmir is troubling a lot. From Apple industry to tourism industry valley has suffered more than 8000 crore rupees lose in two months.
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