वनइंडिया के सर्वे में खुलासा: 2,000 रुपये के नोटों से बढ़ेगी कालेधन की जमाखोरी

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नई दिल्ली। कालेधन पर लगाम के लिए मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया। सरकार के 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध के फैसले के पीछे माना यही गया कि कालेधन की जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए ये फैसला लिया गया, लेकिन 2000 रुपये के नए नोट चलाने से क्या सरकार के इस फैसले को झटका नहीं लगेगा? क्या इससे काले धन की जमाखोरी और नहीं बढ़ जाएगी?

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नोटबंदी पर वनइंडिया का सबसे बड़ा सर्वे

वनइंडिया ने सरकार के इस फैसले पर एक सर्वे किया, इस सर्वे पर आम जनता ने क्या जवाब दिया है वो भी हम आपको बताएंगे? आखिर वनइंडिया के पाठकों का इस मुद्दे पर क्या सोचना है?

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वनइंडिया के सर्वे में नोटबंदी और इसके देशभर में होने वाले प्रभाव को लेकर सवाल पूछा गया। वनइंडिया के पाठकों ने इस सर्वे में बताया कि 2000 रुपये के नोट से देश में कालेधन की जमाखोरी में इजाफा होगा।

सबसे ज्यादा 51.7 फीसदी लोगों ने 2000 रुपये के नोटों के संचालन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक 2000 रुपये के नोट चलाने का कोई मतलब नहीं है।

सर्वे में कुल 31198 लोगों ने हिस्सा लिया

सर्वे में हिस्सा लेने वालों का मानना था कि 2,000 रुपये के नए नोटों से काले धन की जमाखोरी करने वालों को फायदा होगा, वो इसे लंबे समय तक रख सकेंगे।

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वहीं 48.3 फीसदी वोटरों का मानना है कि 2000 रुपये के नोट से देश में कालेधन की जमाखोरी नहीं बढ़ेगी। इस सर्वे हिस्सा लेने वाले 15067 प्रतिभागियों ने माना है कि इस कदम से काला धन वापस लाने में ज्यादा समय लगेगा।

मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर ये सर्वे हमारे अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और गुजराती सभी चैनलों के जरिए कराया गया। इस सर्वे में कुल 31198 लोगों ने हिस्सा लिया। वनइंडिया का ये सर्वे सबसे बड़ा ऑनलाइन पोल है। जिसमें लोगों ने खुल के अपने विचार रखे।

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English summary
OneIndia Survey says Rs 2,000 notes will worsen blackmoney hoarding.
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