रिसॉर्ट में छापा: कांग्रेस विधायक ने कहा- हम यहां पार्टी करने नहीं आए, आस पास घूम रहे बंदूकधारी

Subscribe to Oneindia Hindi

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के इग्लेटन गोल्फ रिसार्ट पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद देश की सियासत में गहमागहमी बढ़ गई है। एक ओर जहां कांग्रेस का कहना है कि सरकार गुजरात में राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर यह सब कर रही है वहीं सरकार का कहना है कि इसका चुनाव से कोई लेना देना नहीं है बल्कि यह स्पष्ट रूप से आर्थिक भ्रष्टाचार का मामला है। इस मसले पर कांग्रेस की गुजरात इकाई के विधायक ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। बता दें कि करीब 42 कांग्रेस विधायक इसी रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं। गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता शक्तिसिन्ह गोहली ने कहा कि होटल के अंदर बंदूकधारी लोग घूम रहे हैं जैसे हमारे विधायक अपराधी हैं। राजनीति अपने सबसे खराब स्तर पर है। शक्तिसिन्ह ने कहा कि हम यहां पार्टी या मस्ती नहीं कर रहे हैं।

रिसॉर्ट में छापा: कांग्रेस विधायक ने कहा- हम यहां पार्टी करने नहीं आए, आस पास घूम रहे बंदूकधारी
Congress furious in Parliament over IT raids on Karnataka Minister । वनइंडिया हिंदी

ये है मामला

बता दें कि बुधवार को आयकर विभाग ने उर्जा मंत्री डीके शिवकुमार, उनके भाई डीके सुरेश और करीबी बालाजी के घर पर भी छापेमारी की। बताया गया कि करीब 10 अफसर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के साथ रिसॉर्ट पहुंचे थे और छापेमारी की कार्रवाई की। इसके साथ ही करीब 20 अधिकारी शिवकुमार के घर पर पहुंचे। इसके साथ ही शिवकुमार के दिल्ली वाले घर से 5 करोड़ रुपए मिलने की सूचना भी दी गई।

आयकर विभाग की ओर से कहा गया कि किसी भी विधायक की कोई जांच नहीं की गई और ना ही किसी के कमरे की जांच की गई। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने यह काम गुजरात में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कराया गया। बता दें कि इग्लेटन गोल्फ रिसार्ट उर्जा मंत्री डीके शिवकुमार का ही है। उन्हें ही इन विधायकों की मेजबानी की जिम्मेदारी कांग्रेस ने दी है।

सिद्धारमैया ने कहा...

इस मामले पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कहा कि राजनीतिक षड़यंत्रों के निहित आयकर विभाग का उपयोग किया गया। जो राजनीति में सही नहीं है। सिद्धरमैया ने कहा कि आयकर विभाग की छापेमारी से दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) का उपयोग किया गया जबकि स्थानीय पुलिस को इससे दूर रखा गया। वहीं संसद के दोनों सदन, लोकसभा और राज्यसभा में भी यह मामला गूंजा। लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि हमारे विधायकों को आयकर विभाग के अधिकारियों को भेज कर डराया धमकाया जा रहा है। मल्लिकार्जुन ने कहा कि एक राज्यसभा प्रत्याशी को हराने के लिए यह सब किया जा रहा है लेकिन वो सफल नहीं होंगे।

छापे हमारे लोगों पर क्यों!

इसी मसले पर राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारे संविधान में इलेक्शन चाहे विधानसभा के हो, लोकसभा के हों और राज्यसभा के हो वो फेयर और बिना डर के होना चाहिए। लेकिन इस राज्यसभा के चुनाव मं ऐसा नहीं हो रह है। आजाद ने कहा कि पश्चिम में हमारे विधायकों का अपहरण हो रहा था लेकिन जब उन्हें दूसरे राज्य में पहुंचाया गया तो वहां भी ये सब कुछ हो रहा है। आजाद ने कहा कि आपकी पार्टी के लोगों पर पैसे बांटने का आरोप है, उन पर छापमेारी करिए। उन पर कार्रवाई करिए। पैसे आपके लोग बांट रहे हैं, छापे हमारे लोगों पर क्यों?

जेटली बोले यह गुजरात से जुड़ा नहीं

वहीं वित्त मंत्री और राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने दोनों सदनों में कहा कि जिस रिसॉर्ट में आपके एमएलए हैं, वहां किसी एमएलए की जांच नहीं हुई, ना ही किसी कमरे की जांच हुई। जेटली ने कहा कि कर्नाटक सरकार के एक मंत्री पर आरोप लगा था कि जो रिसॉर्ट में था और रिसॉर्ट हुई छिपने की जगह नहीं है। फिलहाल उसे आयकर विभाग के अधिकारी उसके आवास पर ले गए और उससे पूछताछ करेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि उसके 39 ठिकानों पर छापे पड़े हैं।

ये भी पढ़ें: रिसॉर्ट पर छापा: कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया बोले- ये है राजनीतिक षड़यंत्र, पुलिस को रखा गया दूर

देश-दुनिया की तबरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Raid in resort: Congress mla said Gunmen were roaming around inside the hotel
Please Wait while comments are loading...