कैसे होता है उपराष्ट्रपति चुनाव, कौन डालते हैं वोट, पढ़िए पूरा सिस्टम

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नई दिल्ली। सोमवार शाम को एनडीए ने वेंकैया नायडू को अपना उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पहले यूपीए ने गोपालकृष्ण गांधी को अपना कैंडिडेट घोषित कर चुकी है। उपराष्ट्रपति पद के लिए 5 अगस्त को चुनाव कराए जाएंगे और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। आइए आपको बताते हैं कि उपराष्ट्रपति पद का चुनाव कैसे कराया जाता है और इसमें मतदाता कौन होता है?

निर्वाचक मंडल करता है चुनाव

निर्वाचक मंडल करता है चुनाव

उपराष्ट्रपति का चुनाव भी इलेक्टोरल कॉलेज यानी निर्वाचक मंडल करता है। हालांकि इसमें राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य यानी विधायक शामिल नहीं होते। उपराष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा- राज्यसभा के निर्वाचित और नामित सांसद ही मतदान करते हैं। इसके साथ ही इनके वोट की वैल्यू राष्ट्रपति चुनाव की तरह आबादी के बराबर नहीं होता बल्कि 1 सदस्य का वोट 1 ही गिना जाता है।

20-20 समर्थक और प्रस्तावक

20-20 समर्थक और प्रस्तावक

उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी नाम निर्वाचक मंडल के 20 -20 मतदाताओं के द्वारा समर्थित और प्रस्तावित होना जरूरी है। इसके साथ ही प्रत्याशी को 15,000 रुपए की जमानत राशि भी जमा करानी होती है। यदि प्रत्याशी चाहे तो तय तिथि से पहले चुनाव अधिकारी को लिखित में देकर अपना नाम वापस ले सकता है।

ये है योग्यता

ये है योग्यता

बता दें कि उपराष्ट्रपति वही शख्स बन सकता है जिसकी उम्र 35 वर्ष या उससे अधिक हो। प्रत्याशी को भारत का नागरिक होना चाहिए। वो इस योग्य हो कि राज्यसभा का सदस्य चुना जा सके क्योंकि देश का उपराष्ट्रपति पदेन राज्यसभा का सभापति भी होता है। उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के पास देश की केंद्र सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अंतर्गत कोई लाभ के पद पर आसीन नहीं होना चाहिए। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

यूं होती है मतगणना

यूं होती है मतगणना

उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया बिल्कुल राष्ट्रपति चुनाव की तरह है। उपराष्ट्रपति के चुनाव में वही प्रत्याशी जीतता है जो कुल मतों के वेटेज का आधा से ज्यादा पा ले। उपराष्ट्रपति चुनाव में सांसद मतदान करते समय मतपत्र पर क्रमानुसार पसंद के उम्मीदवार बताते हैं।

इस उम्मीदवार को किया जाता है बाहर

इस उम्मीदवार को किया जाता है बाहर

मतगणना के दौरान सबसे पहले उन मतों को गिना जाता है जो पहली वरीयता के होते हैं, यदि इसी में प्रत्याशी जीत हासिल कर ले तो उसे जीता हुआ बता दिया जाता है। यदि परिस्थितिवश ऐसा नहीं हुआ तो फिर से प्राथमिकता के आधार पर मत गिने जाते हैं। मतगणना के दूसरे चरण में उस उम्मीदवार को बाहर किया जाता है जिसे कम मत मिले होते हैं। उसके बाद बाहर निकाले गए प्रत्याशी को मिले मतों से यह देखा जाता है कि दूसरी वरीयता के कितने मत मिले और किसे?

खत्म हो रहा है हामिद अंसारी का कार्यकाल

खत्म हो रहा है हामिद अंसारी का कार्यकाल

गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव 2017 के लिए 4 जुलाई 2017 मंगलवार को चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। 18 जुलाई, मंगलवार को नामांकन की आखिरी तारीख है। इसके साथ की 19 जुलाई,बुधवार को नामंकन पत्रों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही नामांकन वापस लेने की तारीख 21 जुलाई शुक्रवार है। अगर आवश्यक हुआ तो 5 अगस्त, शनिवार को चुनाव 10 बजे से 5 बजे तक कराया जाएगा। मतगणना भी 5 अगस्त को ही कराई जाएगी। मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है।

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English summary
Process of vice presidential election in india
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