'मन की बात' में PM मोदी का छात्रों को संदेश, 'स्‍माइल मोर, स्‍कोर मोर

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नई दिल्‍ली। साल 2017 में आज पीएम मोदी पहली बार रेडियो पर मन की बात किया। वैसे तो 'मन की बात' कार्यक्रम का ये 28वां प्रसारण था। पीएम मोदी के इस बार की मन की बात कार्यक्रम कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड की परीक्षा पर केंद्रित रहा। आपको बता दें कि दसवीं और बारहवीं की बोर्ड की परीक्षाएं नौ मार्च को शुरु होने वाली है। इसके एक दिन पहले उत्तर प्रदेश में आखिरी चरण का मतदान है।

LIVE: पीएम मोदी कर रहे हैं 'मन की बात', जानिए क्‍या है खास

मन की बात में क्‍या-क्‍या कहा पीएम मोदी ने  

  • दूर-दूर से लोग चिट्ठियां लिख रहे हैं। मैं आकाशवाणी का उनके इस स्वयं प्रेरणा से किए गए काम के लिए बहुत-बहुत अभिनन्दन करता हूँ।
  • पिछले माह से उन्होंने 'मन की बात' पूर्ण होते ही, इसे प्रादेशिक भाषाओं में सुनाना शुरू किया है। इसे व्यापक स्वीकृति मिली है।
  • प्यारे देशवासियो, 'मन की बात' में आकाशवाणी भी अपनी कल्पकता के साथ हमेशा नये रंग-रूप भरता रहता है।
  • इस वसन्त पंचमी के पावन त्योहार पर देशवासियों को मेरी ओर से बहुत- बहुत शुभकामनायें।
  • इतना ही नहीं, ये पर्व वीरों के लिए प्रेरणा का भी पर्व होता है। 'मेरा रंग दे बसंती चोला' ये वही तो प्रेरणा है।
  • हमारे देश में वसन्त पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का बहुत बड़ा त्योहार होता है।
  • 1 फरवरी को वसन्त पंचमी का त्यौहार है, वसन्त को सर्वश्रेष्ठ ऋतु के रूप में स्वीकृति मिली हुई है।वसन्त - ये ऋतुओं का राजा है।
  • PM ने Coastal Security के साथ-साथ Coastal Cleanliness की भी चिंता की उन्होंने कहा वे सचमुच बधाई के पात्र हैं।
  • हर कसौटी से पार उतरने के लिये इस कसौटी को उत्सव बना दीजिए।फिर कभी कसौटी ही नहीं रहेगी।इस मंत्र को ले करके आगे बढ़ें।
  • अपने संकल्प को याद करते हुए, अपने पर विश्वास रखते हुए, परीक्षा के लिये जाइए, मेरी बहुत शुभकामनायें आपके साथ हैं।
  • ऐसा मत करना, वरना आपके परिवार जन मुझसे नाराज़ हो जाएंगे और जिस दिन आपकी मार्क्स शीट आएगी, तो उनको आप नहीं मैं ही दिखाई दूंगा।
  • इसका मतलब ये नहीं कि बस सोते ही रहें, कुछ कहें कि प्रधानमंत्री जी ने कह दिया है, अब बस जागने की जरुरत नहीं है, सोते रहना है।
  • इससे आपका concentration बढ़ेगा, आपको ताज़गी का एहसासहोगा।आपकी efficiencyमें overall बहुत बढ़ोतरी होगी।
  • कुछ विद्यार्थियों को लगता है कि देर रात तक जागकर ज्यादा पढ़ेंगे, भरपूर नींद अवश्य लीजिए, इससे पढ़ने की ताकत में इज़ाफ़ा होगा।
  • शरीर एकदम से relaxहो जाएगा और relaxat।on कोआप जो अनुभव करते हैं, वो दिमाग को भी उतना ही relax कर देता है।
  • सबको ये पसंद है कि नहीं, मुझे मालूम नहीं, लेकिन मेरा तो अनुभव है।ऐसे समय डीप ब्रीथिंग करते हैं, तो बहुत फ़ायदा होता है।
  • आप खुद को पांच मिनट का ही ब्रेक दीजिए, लेकिन ब्रेक जरुरदीजिए। आपको महसूस होगा कि आपका काम सरल हो रहा है ।
  • परीक्षा में मेरी दृष्टि से तीन बातें बहुत ज़रुरी हैं पहला आराम, दूसरा पूरी नींद और दिमाग के सिवाय physical activity भी होनी चाहिए।
  • सर्वांगीण विकास करना है, तो किताबों के बाहर भी एक ज़िन्दगी होती है।वो बहुत विशाल होती है। उसको जीने का सीखने का यही समय होता है।
  • आम तौर पर धारणा ऐसी है कि अगर विद्यार्थी खेलकूद में ध्यान देते हैं, तो पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते।ये धारणा ही गलत है। 
  • अपनी खुद की मेहनत से जो परिणाम प्राप्त होगा, उससे जो आत्मविश्वास बढ़ेगा, वो अद्भुत होगा।
  • कुछ लोग नकल करने में पूरी creativity खपा देते हैं। अगर यही creativity आप पढ़ाई में लगाएं तो नकल की जरुरत ही नहीं पड़े।
  • PM मोदी ने छात्रों को नकल न करने की सलाह दी। कहा, नकल करना आपको विफलता के रास्ते पर घसीट ले जाएगा।
  • मेरा आपसे आग्रह है - ख़ुद से स्पर्द्धा करने का। पहले क्या किया था, आगे कैसे करूँगा, अच्छा कैसे करूँगा। बस, इस पर ध्यान केंद्रित करें। 
  • हम बच्चों के स्कूल बैग के भार की बात करते हैं लेकिन कभी-कभी अभिभावकों की अपेक्षाएं इससे भी ज्यादा भारी हो जाती हैं। 
  • PM मोदी ने अभिभावकों से 3 चीजों पर ध्यान देने को कहा- स्वीकार करिए, सिखाइए और समय दीजिए।
  • आपने खेल जगत में देखा होगा। क्योंकि उसमें तुरंत समझ आता है, इसलिए मैं खेल जगत का उदहारण देता हूँ।
  • जीवन को आगे बढ़ाने के लिए अनुस्पर्द्धा काम आती है और जब मैं अनुस्पर्द्धा कहता हूँ, तो उसका मतलब है, स्वयं से स्पर्द्धा करना।
  • 'प्रतिस्पर्द्धा' एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक लड़ाई है। सचमुच में, जीवन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्द्धा काम नहीं आती है।
  • किसी वकील के पास जाते हैं, तो क्या उस वकील की marks-sheet देखते हैं? आप उसके अनुभव को, उसके ज्ञान को, उसकी सफलता की यात्रा को देखते हैं।
  • आप में से कोई ऐसा नहीं होगा, जिसने अपने family doctor को कभी, वे कितने नंबर से पास हुए थे, पूछा होगा। किसी ने नहीं पूछा होगा।
  • जीवन में आपको नॉलेज काम आने वाला है, स्किल काम आने वाली है, आत्मविश्वास काम आने वाला है, संकल्पशक्ति काम आने वाली है।
  • Marks और Marks-sheet इसका एक सीमित उपयोग है। ज़िंदगी में वही सब कुछ नहीं होता है।
  • हमारे सबके सामने, हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी का बड़ा प्रेरक उदाहरण है।वे वायुसेना में भर्ती होने गए, fail हो गए।
  • आपने कैसा जीवन जिया, कैसा जीवन जी रहे हो, कैसा जीवन जीना चाहते हो, उसका एक्ज़ाम नहीं है।
  • आप जो एक्ज़ाम देने जा रहे हैं, वो साल भर में आपने जो पढ़ाई की है, उसका एक्ज़ाम है। ये आपके जीवन की कसौटी नहीं है।
  • इसलिए आवश्यक है, 'A happy mind is the secret for a good mark-sheet'। 
  • जब टेंशन होती है, तब आपका नॉलेज, आपका ज्ञान, आपकी जानकारी नीचे दब जाती हैं और आपका टेंशन उस पर सवार हो जाता है।
  • आपको ये पता होना चाहिए, मेमोरी को रिकॉल करने का जो पावर है, वो रिलैक्सेशन में सबसे ज़्यादा होता है। 
  • मैं आपसे कहूँगा 'smile more score more'। जितनी ज़्यादा ख़ुशी से इस समय को बिताओगे, उतने ही ज़्यादा नंबर पाओगे, करके देखिए।
  • हम सब का दायित्व है कि इन तीन-चार महीनों को अपने-अपने तरीक़े से, अपनी-अपनी परंपरा और परिवार के वातावरण को लेते हुए, उत्सव में परिवर्तित करें।
  • कन्याकुमारी से कश्मीर तक और कच्छ से कामरूप तक, अमरेली से अरुणाचल प्रदेश तक, ये तीन-चार महीने परीक्षा ही परीक्षायें होती हैं। 
  • पूरा परिवार एक टीम के रूप में इस उत्सव को सफल करने के लिए अपनी-अपनी भूमिका उत्साह से निभाए। देखिए, देखते ही देखते बदलाव आ जाएगा।
  • मैं माता-पिता को ज़्यादा आग्रह से कहता हूँ कि आप इन तीन-चार महीने एक उत्सव का वातावरण बनाइए।
  • समाज की भी ताक़त की अनुभूति उत्सव के समय होती है। जो उत्तम से उत्तम है, वो प्रकट होता है।
  • परीक्षा को ऐसे लीजिए, जैसे मानो त्योहार है। और जब त्योहार होता है तो हमारे भीतर जो सबसे बेस्ट होता है, वही बाहर निकल कर आता है।
  • परीक्षा अपने-आप में एक ख़ुशी का अवसर होना चाहिए | साल भर मेहनत की है, अब बताने का अवसर आया है, ऐसा उमंग-उत्साह का पर्व होना चाहिए।
  • परिवार परेशान, विद्यार्थी परेशान, शिक्षक परेशान, एक बड़ा विचित्र सा मनोवैज्ञानिक वातावरण हर घर में नज़र आता है। 
  • कई वर्षों से, मैं जहाँ गया, जिसे मिला, परीक्षा एक बहुत बड़ा परेशानी का कारण नज़र आया।
  • ये सही समय है कि मैं विद्यार्थी दोस्तों से बातें करूँ, उनके अभिवावकों से बातें करूँ, उनके शिक्षकों से बातें करूँ।
  • सेना के जवान देश की रक्षा में डटे हुए हैं, वे हिमस्खलन के कारण वीरगति को प्राप्त हुए मैं इन सभी वीर जवानों को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। 
  • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर विभिन्न वीरता पुरस्कारों से, जो वीर-जवान सम्मानित हुए, उनको, उनके परिवारजनों को, मैं बधाई देता हूँ।
  • 2 मिनट क्यों न हो, लेकिन उसमें सामूहिकता भी, संकल्प भी और शहीदों के प्रति श्रद्धा भी अभिव्यक्त होती है।
  • एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में, 30 जनवरी, 11 बजे 2 मिनट श्रद्धांजलि, यह सहज स्वभाव बनना चाहिए।
  • कल 30 जनवरी है, हमारे पूज्य बापू की पुण्य तिथि है।
  • अधिकार और कर्तव्य की दो पटरी पर ही, भारत के लोकतंत्र की गाड़ी तेज़ गति से आगे बढ़ सकती है।
  • मैं आशा करता हूँ कि हर स्तर पर, हर वक़्त, जितना बल अधिकारों पर दिया जाता है, उतना ही बल कर्तव्यों पर भी दिया जाए।
  • 26 जनवरी, हमारा 'गणतंत्र दिवस' देश के कोने-कोने में उमंग और उत्साह के साथ हम सबने मनाया।

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      English summary
      Prime Minister Narendra Modi on Sunday shared his thoughts in the 28th edition of his monthly radio broadcast ‘Mann Ki Baat’ programme.
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