'सर्जिकल स्ट्राइक' पर घमासान, पर्रिकर के बयान पर कांग्रेस ने किया पलटवार

Subscribe to Oneindia Hindi

मुंबई। सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कांग्रेस के दावे को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने खारिज किया है। रक्षामंत्री ने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाले यूपीए सरकार के दौरान कोई सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम नहीं दिया गया है।इस बीच रक्षामंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने तुरंत पलटवार किया है।

parrikar

सर्जिकल स्ट्राइक पर रक्षामंत्री का बड़ा बयान

बता दें कि कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर मोदी सरकार के फैसले का समर्थन किया था। हालांकि उनकी ओर से ऐसे बयान आए थे जिसमें कहा गया कि ऐसे आर्मी ऑपरेशन कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान भी किए गए थे।

सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पर सरकार का फैसला हमें मंजूर होगा: चिदंबरम

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि मैं पिछले दो साल से रक्षा मंत्री के पद पर हूं। जितना मुझे जानकारी मिली है पिछले कुछ साल में कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की गई है। वह बॉर्डर पर जिन कार्रवाई की बात कर रहे हैं, ये सभी भारतीय सेना द्वारा सामान्य तौर पर की गई कार्रवाई है।

इस बीच रक्षामंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने तुरंत पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा कि पर्रिकर को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस ने मनोहर पर्रिकर पर किया पलटवार, साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सूरजेवाला ने कहा कि राजनीतिक वोट जुटाने के लिए पर्रिकर खुलेआम झूठ बोल रहे हैं। वो हमारे सैनिकों के बलिदान और खून को नकार रहे हैं।

आलू की फैक्ट्री के पहले ये कहा था किसान ने राहुल से, देखें यहां

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जिस तरह से मनोहर पर्रिकर ने इससे पहले कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं होने की बात कही है, भारतीय सेना और उनसे जुड़े अधिकारियों का अपमान है। पर्रिकर को इसके लिए भारतीय सशस्त्र सेना से माफी मांगनी चाहिए।

उनकी ओर से कहा गया कि कांग्रेस सरकार के दौरान भी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। इसके अलावा भारत ने 1947, 1962, 1965 और 1972 का युद्ध भी लड़ा था।

यूपीए कार्यकाल में नहीं हुई कोई सर्जिकल स्ट्राइक: पर्रिकर

इससे पहले रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि कांग्रेस की सरकार में हाल के वर्षों में कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की गई है। उन्होंने पूरे मामले को समझाते हुए बताया कि ऐसे ऑपरेशन बिना किसी आधिकारिक जानकारी या फिर आदेश के किए जाते हैं। इसमें सरकार का आदेश भी नहीं लिया जाता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ दौरे के पीछे छुपे पांच बड़े मकसद

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि ये कार्रवाई किसी कि जानकारी के बिना ही पूरी की गई थी। इसकी रिपोर्ट भी दी जाती है। रक्षामंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई के फैसले लोकल कमांडर अपने अनुमान से करते हैं।

मनोहर पर्रिकर ने साफ किया कि इस बार सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया क्योंकि इसमें फैसला लिया गया और उसकी जानकारी भी दी गई। इस पूरी कार्रवाई में सेना ने बहुत अच्छा काम किया। उन्होंने बताया कि ये ऐसा ऑपरेशन था जिसमें सरकार की मंशा और राष्ट्र की चाहत झलक रही थी।

कांग्रेस नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर किया था दावा

दो अलग-अलग कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पूरा श्रेय देश के 127 करोड़ नागरिकों जाता है, इसमें सेना का बड़ा हिस्सा है। भारत की सशस्त्र सेना ने इस ऑपरेशन को बहुत ही बेहतर तरीके से अंजाम दिया। किसी राजनीतिक पार्टी ने इसे अंजाम नहीं दिया।

सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स का सुबूत मांगने पर इंडियन आर्मी के एक सैनिक का जवाब

इसी कार्यक्रम में बोलते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि इस फैसले का ज्यादा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है और सरकार को भी, जिन्होंने फैसला लिया और योजना बनाई। इसके लिए सभी देशवासियों को भी श्रेय दिया जाता है।

मनोहर पर्रिकर ने कहा कि वह लोगों की भावनाओं को समझते हैं, जो सर्जिकल स्ट्राइक से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस कार्रवाई का कोई राजनीतिक फायदा उठाना चाहती तो वह खुद इस स्ट्राइक की जानकारी सबके सामने रखते। सेना के डीजीएमओ इसका ऐलान नहीं करते।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Manohar Parrikar rejected claims that surgical strikes were undertaken during the UPA regime.
Please Wait while comments are loading...