यूपी : राष्ट्रगान पर पाबंदी लगाने वाला प्रबंधक गिरफ्तार, स्कूल ''सीज''

Written by: हिमांशु तिवारी आत्मीय
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लखनऊ।  बीते दिनों इलाहाबाद के सादियाबाद में चलने वाले एमए कॉन्वेंट स्कूल में स्कूल मैनेजर द्वा्रा राष्ट्रगान पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। स्कूल प्रबंधक के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान के अपमान के खिलाफ बने कानून के साथ ही आईपीसी की कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही स्कूल को भी सीज कर दिया गया है।

स्कूल की प्रधानाचार्य और कई टीचर्स ने स्कूल छोड़ दिया

इलाहाबाद के कर्नलगंज इलाके के सादियाबाद में नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों के लिए बने एमए कॉन्वेंट स्कूल के इस आदेश के बाद स्कूल की प्रधानाचार्य और कई टीचर्स ने स्कूल छोड़ दिया है।

जन-गण-मन 'अधिनायक' या मंगल दायक?

वहीं इस पर सफाई देते हुए स्कूल के मैनेजर जियाउल हक ने कहा था कि समुदाय विशेष बच्चों से राष्ट्रगान करवाना उनके मजहब के खिलाफ है। जिसे देखते हुए उन्होने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में राष्ट्रगान करने से मना कर दिया था।

कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

इस तुगलकी फरमान के पीछे प्रबंधक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया है। उनके मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय का फैसला है कि राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत के किसी शब्द को बोलने से किसी को धार्मिक ठेस पहुंचती है तो उसे वो शब्द बोलने के लिये बाध्य नहीं किया जा सकता है।

देश बड़ा या खुदा ?

दरअसल प्रबंधक ने कुछ ऐसी ही बात बताई जिससे तमाम सवाल खड़े हो गए। प्रबंधक का कहना है कि प्रबंधक का कहना है कि राष्ट्रगान में कई लाइनें मजहब और खुदा से बड़ी कही गई हैं। मुस्लिम बच्चों के इस लाइन को बोलने से उनका धर्म प्रभावित न हो इसलिये उन्होंने ये फैसला लिया है।

नियम के अनुसार होगी कार्यवाही

प्रधानाध्यापिका ने प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जियाउल हक अपने स्कूल में कभी राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत नहीं होने देते। 15 अगस्त पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा बनायी गयी तो उन्होंने राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत और सरस्वती वंदना करने से मना कर दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक के मुताबिक पहले जांच होगी फिर नियम के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

लोगों ने उठाए सवाल..

इस मुद्दे पर जब हमने कुछ लोगों से बातचीत की तो उन्होंने क्या कहा आईये जानते हैं-

ये तो सीधे तौर पर बच्चों को उन्नति के लिए दी जाने वाली शिक्षा के बजाए ये सिखाया जा रहा है कि इस मुल्क में कौन-कौन से मजहब हैं। जिससे टकराव ही उत्तपन्न होता है। जबकि बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जाए कि हम सब एक हैं। - असलम खान

सूबे का माहौल इन तमाम मुद्दों के जरिए लगातार बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जरूरी है कि ऐसे लोगों पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाए। - रमेश गौतम

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English summary
Principal, teachers resign after school management denied permission for 'National Anthem' event for 15th August.
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