NSG सदस्यता के लिए नए ड्राफ्ट से भारत की राह हो सकती है आसान, ओबामा पूरा करना चाहते हैं वादा

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नई दिल्ली। न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में नए देशों की सदस्यता को लेकर एक नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस ड्राफ्ट में दिलचस्प बात ये है कि इस ड्राफ्ट में भारत को एनएसजी में शामिल करने की बात कही गई है वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान को इससे बाहर रखने की भी सिफारिश की गई है। माना जा रहा है कि अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही यह काम हो सकता है। ओबामा जाने से पहले पीएम मोदी से किया हुआ अपना वादा पूरा करना चाहते हैं।

PM मोदी से किया वादा पूरा करना चाहते हैं बराक ओबामा

20 जनवरी से पहले वादा पूरा करने की कोशिश

अनुमान लगाया जा रहा था कि एनएसजी को लेकर भारत की मांग पर डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ही विचार हो सकेगा, लेकिन ओबामा प्रशासन ने मोदी सरकार से किया वादा 20 जनवरी को अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले पूरा करने का मन बना लिया है। सूत्रों का कहना है कि एनएसजी की सदस्यता के लिए तैयार किए गए नए ड्राफ्ट में भारत का नाम है लेकिन पाकिस्तान को इससे बाहर रखा गया है। यह फैसला उस रिपोर्ट के बाद लिया गया है जिसमें नॉन पॉलिफेरेशन ट्रीटी (NPT) में वाले देशों को एनएसजी की सदस्यता देने को लेकर सुझाव दिए गए थे।

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सदस्यता के लिए रखी गई हैं 9 शर्तें

आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (ACA) के मुताबिक, नए फॉर्मूले के तहत एनएसजी का हिस्सा बनने से पहले भारत या पाकिस्तान जैसे नॉन-एनपीटी देशों को 9 शर्तें माननी होंगी। इन शर्तों को मानने के बाद ही उन्हें परमाणु हथियारों के व्यापार की छूट मिलेगी। ACA के डेरिल जी किमबाल ने कहा, 'यह प्रक्रिया को कमजोर करना है। एक तरह से यह भारत के लिए रास्ता बनाने जैसा है क्योंकि जिन 9 शर्तों की बात की जा रही है भारत उन्हें पहले से ही पूरा कर रहा है। इस महीने वियना में हुई एनएसजी सदस्यों की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई थी।'

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विरोध करने वालों में प्रमुख है चीन

चीन की तरफ से हर बार अडंगा लगाए जाने को ध्यान में रखते हुए यह माना जा रहा है कि एनएसजी सदस्यता की भारत की राह आसान नहीं है। एनएसजी में शामिल होने के लिए किसी देश को एनपीटी पर साइन करना होता है। भारत और पाकिस्‍तान के अलावा इजरायल ने अभी तक एनपीटी पर साइन नहीं किया है। इसी को लेकर कई देश एनएसजी में भारत की एंट्री का विरोध कर रहे हैं जिनमें चीन प्रमुख है।

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English summary
new draft for nsg membership could pave india but not good for pakistan.
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