संसद सत्र के बर्बाद होने के बाद सांसद जय पांडा का सराहनीय कदम

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नई दिल्ली। इस बार संसद का पूरा शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया, जिसके बाद सत्र के उपर खर्च होने वाली राशि की बर्बादी के सवाल उठ रहे हैं, लेकिन लोकसभा सांसद जय पांडा ने इस नुकसान की अपने स्तर पर भरपाई करने की पहल की है ।

jay panda

जय पांडा ने अपने वेतन का एक हिस्सा लौटाने का फैसला लिया है, ताकि जो समय संसद में बर्बाद हुआ है उसकी भरपाई की जा सके। ऐसे में पांडा के इस कदम से कई और सांसद सीख लेते हुए इस तरह की शुरुआत कर सकते हैं।

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क्या कहना है भाजपा सांसद का

मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जय पांडा को लगता है कि उन्होंने काम नहीं किया लिहाजा वह अपनी सैलरी का एक हिस्सा लौटा रहे हैं, मुमकिन है कि उन्हें लगता हो कि यह उनका नैतिक कदम है।

लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह का कोई नियम नहीं है, यह सोच हर किसी के लिए अलग हो सकती है। प्रह्लाद पटेल का कहना है कि जय पांडा मजबूत पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन अन्य सांसदो को मुमकि है कि इस सैलरी की जरूरत हो, क्योंकि वह उतना सक्षम नहीं हैं।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम जिम्मेदार नहीं

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा का कहना है कि जय पांडा ने अपनी सोच को सामने रखी है, वह अच्छे व्यक्ति हैं, पर कितने सांसद ऐसा कर सकते हैं। मैं भी अपनी सैलरी छोड़ सकता हूं क्योंकि मैं वकालत भी करता हूं, लेकिन मैं अभी जय पांडा की तरह अपनी सैलरी नहीं छोड़ुंगा, मैं परिस्थिति के आंकलन के बाद सोचूंगा।

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विवेक का कहना है कि सांसद व्यक्तिगत रूप से शीतकालीन सत्र के बर्बाद होने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, मैं भी संसद में बहस का पक्षधर हूं, लेकिन संसद में किस तरह से विरोध दर्ज करना है उसका फैसला सांसद नहीं बल्कि पार्टी के नेता लेते हैं।

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English summary
MP Jay Panda decides to return a portion of his salary due to no work in Parliament. This time there was complete wash out of winter session.
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