झारखंड में खदान धंसने से 9 की मौत, अभी भी दबे हैं कई मजदूर, सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

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रांची। झारखंड के गोड्डा जिले के ललमटिया इलाके में गुरुवार देर रात खदान धंसने के कारण 9 मजदूरों की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कई मजदूर खदान में दबे हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम पटना से पहुंच गई हैं। जानकारी के मुताबिक ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) की एक खदान में मिट्टी धंसने के कारण दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियां और उनपर सवार कई लोग दब गए। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त करीब 40 मजदूर खदान में काम कर रहे थे। 

mine collapse झारखंड के ललमटिया में खदान धंसी, 40-50 मजदूरों के दबे होने की आशंका

हादस के बाद राहत एवं बचाव कार्य के लिए फिलहाल स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों की मदद ली जा रही है। हादसा चूंकि देर रात में हुआ इसलिए अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मजदूरों के साथ-साथ 35 डंपर और कई दूसरी खुदाई की मशीनें भी जमीन में धंसने की खबर है। घायल मजदूरों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को फोन कर मामले की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मृतकों के लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 25000 रुपए के मुआवजे की घोषणा की है।

कांग्रेस ने ठहराया राज्य सरकार को जिम्मेदार

राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को हादसे की सूचना दे दी गई है और वे लगातार स्थिति एवं बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों को तुरंत उपचार में मदद के लिए रांची से हेलिकॉप्टर भेजने का भरोसा भी दिलाया है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों से भी बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा है। वहीं, इस हादसे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने हादसे के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है।

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English summary
Mine Collapse in Lalmatia of Jharkhand, 40-50 workers feared trapped under the debris, rescue operations on.
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