अब आत्महत्या की कोशिश अपराध की श्रेणी में नहीं, राज्यसभा में बिल हुआ पास

Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। अब आत्महत्या करना अपराध की श्रेणी में नहीं होगा। सोमवार को राज्यसभा ने वह बिल पारित कर दिया जिसके अनुसार आत्महत्या की कोशिश को अपराध न मानकर मानसिक बीमारी मानी जाएगी। राज्यसभा में पास हुए 'मेंटल हेल्थ केयर बिल' के अनुसार जो लोग आत्महत्या की कोशिश करेंगे उनकी चिकित्सकीय देखभाल की जाएगी। बिल के अनुसार ऐसे लोग को आईपीसी के तहत सजा के हकदार नहीं है।

मिलेगी देखभाल, उपचार और पुनर्वास की सुविधा

बिल में यह भी कहा गया है सरकार आत्महत्या की कोशिश करने वाले लोगों को ' देखभाल, उपचार और पुनर्वास ' की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी ताकि इसके पुनरावृत्ति के खतरे को कम किया जा सके। यह बिल कांग्रेस नीत यूपीए-2 के शासन काल में ही लाया गया था जिसके मुताबिक उन्हीं लोगों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी जो ' मानसिक रोग ' से पीड़ित थे लेकिन अब इसे बदल दिया गया है। इस बिल के अनुसार ऐसे लोग जिनका इलाज चल रहा है उनकी तस्वीर व उनके संबंध में कोई जानकारी तब तक मीडिया में प्रसारित नहीं की जाएगी जब तक कि पीड़ित खुद इसकी अनुमति न प्रदान करे।

पढ़िए राज्य सभा में जीएसटी बिल पर बहस की 10 मुख्य बातें

अभी यह है नियम

बिल के मुताबिक मानसिक रोग से पीड़ित लोगों को सुरक्षा और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के अलावा मानसिक बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाएगी। बिल में बताया गया है मांस पेशियों को ढीला कर और ऐनिस्थीशिया के प्रयोग से इलेक्ट्रो कन्वल्सिव थेरपी भी की जाएगी। यह थेरपी नाबालिगों के लिए उपयोग में नहीं लाई जाएगी। बता दें कि मौजूदा नियम के अनुसार आत्महत्या करने की कोशिश को अपराध माना जाता है और भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की धारा 309 के तहत गिरफ्तार किया जाता है। इसके अंतर्गत एक साल की जेल या जुर्माना व दोनों हो सकता है।

सरकार और पीएम कश्मीर के बिगड़ते हालात पर बने हुए हैं मूकदर्शक- आजाद

नड्डा ने बताया मानवीय कदम

इससे पहले राज्यसभा में मेंटल हेल्थ केयर बिल 2013 पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह मानवीय और प्रगतिशील कदम है। यह बिल मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के इलाज में काफी मददगार साबित होगा। नड्डा ने कहा कि यह बिल प्रमुखतः मरीजों के लिए है साथ ही बिल में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि उन्हें कैसी सुविधाएं दी जा सकती हैं। सदन में एआईडीएमके से सांसद नवनेथ कृष्णन के आपत्तियों पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि बिल में ' गंभीर तनाव ' के संदर्भ में विशिष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह नियमों में वर्णित है जो लोकसभा में बिल के पारित होने के बाद तैयार किया जाएगा।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Mental health care bill passed in rajya sabha on monday.According to bill attempt to persons who attempt sucide are not liable to punishment under IPC.
Please Wait while comments are loading...