कश्मीर: तलाशी के दौरान पिटाई से लेक्चरर की मौत, सेना ने जताया खेद

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पुलवामा। सेना की हिरासत में एक लेक्चरर की मौत के बाद कश्मीर के पुलवामा जिले के एक गांव में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गांव के लोगों का आरोप है कि तलाशी लेने के दौरान सेना के जवानों की पिटाई से लेक्चरर की मौत हुई है।

लेक्चरर की मौत पर खेद जताते हुए सेना ने जांच के आदेश दिछए हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

kashmir police

सेना के जवानों पर पिटाई के आरोप

गांव के निवासियों का कहना है कि बुधवार को सेना के जवान विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे युवाओं को पकड़ने आए थे। घर-घर की तलाशी ले रहे जवानों ने लोगों को पीटना शुरू कर दिया।

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उनका कहना है कि 30 साल के लेक्चरर शब्बीर अहमद ने भी जब विरोध किया तब उसकी पिटाई की गई। फिर रात में शब्बीर अहमद समेत 20 युवकों को सेना उठाकर ले गई।

गुरुवार को पंपोर हॉस्पीटल से शब्बीर अहमद को मृत अवस्था में लाया गया। बाकी युवकों का हॉस्पीटल में इलाज चल रहा है।

सेना ने मौत पर जताया खेद

सेना ने मामले में खेद जताते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

पुलवामा के डिप्यूटी कमिश्नर मुनीर उल इस्लाम ने इस बारे में कहा है कि हमने धारा 302 और 307 के तहत एफआईआर दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के लिए लाश भेजी गई है।

सेना चला रही तलाशी अभियान

पिछले कुछ दिनों से कश्मीर घाटी के गांवों में सेना रात में तलाशी अभियान चला रही है। अराजक तत्वों की गिरफ्तारी के लिए सेना ऐसा कर रही है। इसी दौरान पुलवामा जिले की यह घटना हुई।

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सीआरपीएफ के जवान ने एंबुलेंस पर चलाया पैलेट गन

एक दूसरी घटना में सीआरपीएफ ने श्रीनगर में मरीज को ले जा रहे एंबुलेंस ड्राइवर पर पैलेट गन से फायर किया।

सीआरपीएफ के प्रवक्ता का इस बारे में कहना है कि जिस जवान ने पैलेट गन चलाया था उसे निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कश्मीर में मरने वालों की संख्या 65 तक पहुंची

हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरवान वानी की मौत के बाद कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा और विरोध प्रदर्शनों में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है।

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English summary
In Kashmir A 30 year old lecturer was beaten to death in custody, allegedly by Army personnel. Army regretted the death.
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