हर रिटायर्ड जज को बड़ा बंगला नहीं दे सकते- कानून मंत्री

मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर को कानून मंत्री की खरी-खरी, लोवर कोर्ट में 5000 जजों की नियुक्ति रुके होने पर उठाए सवाल

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर ने केंद्र सरकार पर जजों की नियुक्ति और जजों की दी जाने वाली सुविधाओं पर जमकर फटकार लगाई तो कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी खरी-खरी सुनाई।

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500 कोर्ट खाली पड़े हैं, सरकार उचित सुविधा देने को तैयार नहीं- जस्टिस टीएस ठाकुर

सबसे अधिक जजों की नियुक्ति की
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर के उस बयान को सिरे से नकार दिया है कि केंद्र सरकार जजों की नियुक्ति नहीं कर रही है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने सबसे अधिक 120 जजों की नियुक्ति की है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने सबसे अधिक 120 जजों की नियुक्ति की है जोकि अबतक की सबसे बड़ी नियुक्ती है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने सिर्फ 80 जजों की नियुक्ति की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 5000 जजों की नियुक्ति नहीं की

जस्टिस टीएस ठाकुर ने के बयान पर पलटवार करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि लोवर कोर्ट में 5000 से अधिक जजों की नियुक्ति होनी है जिसमें केंद्र सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं हैं वह नहीं हो रहा है।

हर रिटायर्ड जज को बंगला नहीं दे सकते

वहीं कोर्ट में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर टीएस ठाकुर के बयान पर बोलते हुए कहा कि कोर्ट में सुविधाओं को बेहतर करने का काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि हर रिटायर्ड जज को एक ही आकार का बड़ा बंगला नहीं दिया जा सकता है।

गौरतलब है कि जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि रिटायर्ड जजों को देने के लिए सरकार के पास सम्मानजनक जगह नहीं है ऐसे में कोई क्यों काम करना चाहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इन जजो को सेवानिवृत्त होने के बाद आधी सैलरी पर काम करने को कहती है, ऐसे में उन्हें सम्मानजक जगह भी नहीं दी जाती है।

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English summary
Law minister takes on CJI TS Thakur questions appointment of judges in lower courts which is pending more than 5000.
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