जानिए क्‍या है हनी ट्रैप जिसके ताजा शिकार बने हैं वरुण गांधी!

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नई दिल्‍ली। बीजेपी नेता वरुण गांधी पर आरोप लगे हैं कि हनी ट्रैप के जरिए उन्‍हें पहले फंसाया गया और फिर उन्‍होंने कई डिफेंस सीक्रेट्स लीक कर दिए। वरुण गांधी के साथ ही एक बार फिर से हनी ट्रैप का मुद्दा गर्मा गया है।

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क्‍या है हनी ट्रैप

हनी ट्रैप आज से नहीं बल्कि पिछले कई सदियों से चलन में हैं। अक्‍सर दुनिया के कई देश अपने दुश्‍मनों के राज जानने के लिए हनी ट्रैप का सहारा लेते आए हैं।

जर्मनी, रूस और फ्रांस जैसे देश जहां अक्‍सर इस माध्‍यम का प्रयोग करते आए हैं तो अब भारत में भी पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसी इस ट्रेंड को बढ़ावा देने में लगी हुई है।

इसके जरिए किसी महिला जासूस को जिम्‍मेदारी दी जाती है कि वह सरकारी अधिकारियों को अपने प्‍यार के जाल में फंसाए और फिर उनसे कई अहम राज हासिल करे।

कैसे अपने मिशन को देती हैं अंजाम

हनी ट्रैप में शामिल महिला प्‍यार कई अहम तरह के डॉक्‍यूमेंट्स को हासिल कर लेती है। वह ऑफिसर्स को ब्लैकमेल भी करती है।

मुसीबत तब होती है जब उसकी कोई आपत्तिजनक तस्‍वीर या फिर किसी खास बातचीत की डिटेल्‍स भी उसके हाथ लग जाती है।

पिछले दो वर्षों से भारत में कई ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिसमें इंडियन आर्मी और एयरफोर्स के अधिकारियो को इस तरह से शिकार बनाया जा रहा है।

आईएसआई न सिर्फ फेसबुक बल्कि ट्विटर के जरिए अधिकारियों को फंसाने की साजिश रचती आ रही है।

क्‍या हुआ था पिछले वर्ष

पिछले वर्ष मई में देश के एक टॉप डिफेंस ऑफिसर ने अपनी एक फोटोग्राफ फेसबुक पर पोस्‍ट की थी। इस फोटो के अपलोड होते ही उस ऑफिसर को कई फ्रेंड रिक्‍वेस्‍ट आईं और चैट इनवाइट भी मिले।

ये सभी रिक्‍वेस्‍ट्स और इनवाइट सिर्फ लड़कियों की ओर से आए थे। जब इसकी जांच हुई तो उन्‍हें पता लगा कि दरअसल ये सब कुछ हनी ट्रैप से जुड़ा हुआ मसला था।

सोशल नेटवर्किंग सबसे बड़ा सहारा

सिक्‍योरिटी एजेंसियों के मुताबिक‍ आईएसआई अब सोशल नेटवर्किंग के जरिए डिफेंस पर्सनल को फंसाने में लगी हुई है।आईएसआई इसके लिए ट्रेंड महिलाओं को हायर कर रही है। 

इन महिलाओं को पता होता है कि किस तरह से लोगों को पहले सोशल मीडिया पर फंसाना है और फिर फोन पर कामुक बातों के जरिए उन्‍हें अपने जाल में लेना है। सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्‍वेस्‍ट इसकी पहली सीढ़ी होती है।

रक्षा मंत्रालय ने जारी कीं गाइडलाइंस

इस वर्ष जब पठानकोट आतंकी हमला हुआ तो रक्षा मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस जारी की गईं। इन गाइडलांइस में इंडियन आर्मी, एयर फोर्स और नेवी के अधिकारियों और जवानों से कहा गया कि वे फेसबुक या फिर व्‍हाट्स एप को प्रयोग करते समय सावधानी बरतें।

अधिकारियों से यूनिफॉर्म में प्रोफाइल फोटो न लगाने और अपनी पोस्टिंग की लोकेशन भी न शेयर करने को कहा गया था।

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English summary
Know all about honey trap Vraun Gandhi becomes the latest victim of it.
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