पटना-इंदौर एक्‍प्रेस हादसा: मातम और कोहराम के बीच लाशों के साथ हुई लूटपाट

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कानपुर। रविवार को कानपुर के पास पुखरायां में इंदौर-पटना एक्‍सप्रेस डिरेल (पटरी से उतर गई) गई। इस दर्दनाक हादसे में करीब 146 लोगों की मौत हो गई, वहीं 200 से ज्‍यादा लोग घायल हुए हैं। हादसा इतना भयावह थी कि ट्रेन के परखच्‍चे उड़ गए। 24 घंटे बाद भी लोगों के शव निकाले जा रहे हैं। पुखरायां गांव के लोगों ने भी राहत कार्य में हिस्‍सा लिया और घंटों तक मौत के अंधेरे में जिंदगी की तलाश में हाथ बंटाते रहे।
साल 2000 से लेकर अबतक के बड़े रेल हादसे, जिसमें चली गई हजारों लोगों की जान 

Kanpur villagers rescue train accident survivors, some rob them

लेकिन गांव के ही कुछ लोगों ने मानवता को शर्मसार कर दिया। जी हां मदद की आड़ में कुछ लोग घायल यात्रियों के महंगे सामानों पर हाथ साफ कर दिया। मऊ की रहने वाली 20 साल की रूबी ने बताया कि वो अपने पापा और बहन के साथ ट्रेन में सफर कर रही थी।

पटना-इंदौर एक्‍सप्रेस हादसा: जानिए मृतकों और घायलों के नाम 

हादसे में रूबी का एक हाथ टूट गया। पापा और बहन को भी चोटें आईं और अस्‍पताल में भर्ती हैं। रूबी के मुताबिक मऊ एक शादी समारोह में हिस्‍सा लेने जा रही थीं। हादसे के बाद से उनका सामान गायब है जिसमें कपड़े और जेवर थे। वहीं पुलिस का भी मानना है कि हादसे के बाद अराजक तत्‍वों ने इसका फायदा जरूर उठाया होगा।

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English summary
Villagers from nearby areas were the first to reach the scene of Sunday’s deadly train accident in Pukhrayan as dazed survivors struggled to get out of mangled coaches and look for missing family members.
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