रॉबर्ट वाड्रा लैंड डील में हुई गड़बड़ी, जस्टिस ढींगरा ने सौंपी रिपोर्ट

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चंडीगढ़। कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के जमीन सौदों की जांच के लिए बने जस्टिस ढींगरा आयोग ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप दी है।

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रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जस्टिस एस एन ढींगरा ने कहा कि रिपोर्ट दो हिस्सों में है। एक भाग में जांच-परिणाम और दूसरे हिस्से में सुबूत है।

रिपोर्ट के बारे में उन्होंने कहा कि इसमे बहुत कुछ है। पर रिपोर्ट में क्या है, इसके बारे में पूरी जानकारी देने से मना कर दी।

तो नहीं सौंपता रिपोर्ट

भूमि सौदे में हुई अनियमितताओं के सवाल पर जस्टिस ढींगरा ने कहा कि अगर अनियमितताएं नहीं होती तो वो 182 पेज की रिपोर्ट नहीं सौंपते।

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जस्टिस ढींगरा ने कहा कि उन्होंने जांच रिपोर्ट हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर को सौंप दी है, अब आगे कार्रवाई करना सरकार का काम है।

आपको बताते चलें कि हरियाणा सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी समेत कुछ संस्थाओं को गुड़गांव के सेक्टर 83 में व्यावसायिक कॉलोनियां विकसित करने के लिए लाइसेंस देने के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस एन धींगरा के नेतृत्व में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था।

6 महीने में सौंपनी थी रिपोर्ट

आयोग को छह महीने के अंदर जांच रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंपनी थी।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस हुड्डा ने जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट पर कहा कि किसी को भी गैरवाजिब तरीके से लाभ नहीं दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक इस रिपोर्ट को नहीं देखा है।

कांग्रेस ने दिया जवाब

कांग्रेस ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस रिपोर्ट को सौंपे जाने से पहले ही इसका एक हिस्सा मीडिया में लीक हो गया है।

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इसका पूरा अर्थ यह निकलता है कि इस जांच कमेटी को तथ्यों की जांच करने के लिए नहीं बल्कि किसी को बदनाम करने के लिए बनाया गया था।

बीजेपी की सरकार इस समय केंद्र और राज्य में है और वो इस समय बदला लेने की नीति से काम कर रही है।

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English summary
If there was no irregularity, then I wouldn't have submitted a 182 page report: Justice Dhingra
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