राष्ट्रगान को सिनेमाहॉल में बजाने के विरोध में ये संप्रदाय, खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

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नई दिल्ली। नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के फिल्म के हर शो से पहले देशभर के थियेटरों में राष्ट्रगान बजाए जाने के फैसले पर बहस लंबी खिंचती दिख रही है। 1986 में स्कूल में अपने बेटे को स्कूल में राष्ट्रगान गाने से छूट हासिल करने का एतिहासिक फैसले पाने वाले जोहोवाह सप्रंदाय के वी जे एमानुएल के बाद अब 30 साल बाद एक फिर इस संप्रदाय के लोग राष्ट्रगान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहे हैं। आपको बता दें कि 30 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के बाद देशभर के सिनेमाहॉल में शो से पहले राष्ट्रगान बजाए जाने और मौजूद लोगों को इसके सम्मान में खड़े होने का आदेश सुनाया है।

राष्ट्रगान को सिनेमाहॉल में बजाने के विरोध में ये संप्रदाय

सुप्रीम कोर्ट फैसले के लागू होनें के थियेटरों में राष्ट्रगान के दौरान खड़े ना होने पर मारपीट की खबरें भी आई हैं, इस पर लगातार कानून के जानकारों में भी बहस हो रही है। इसके बीच जेहोवाह संप्रदाय ने इस आदेश को अपने धर्म में हस्तक्षेप बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। जोहोवाह संप्रदाय के लोग, जिसमें एक अमेरिका की जनरल कौसिंल भी शामिल है। इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। इसकी सुनवाई 14 फरवरी से शुरू होगी। संप्रदाय के लोगों का कहना है कि वो राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं लेकिन इसके लिए खड़ा होना उनके धार्मिक आस्थाओं के टकराता है। ऐसे में वो सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख अपने लिए राष्ट्रगान के दौरान विशेष छूट की मांग करेंगे। संप्रदाय के लोगों का कहना है कि हमारी देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठा सकता लेकिन राष्ट्रगान के लिए खड़े होने की इजाजत हमारा धर्म नहीं देता है।

1986 में मिला था राष्ट्रगान ना गाने का अधिकार
इससे पहले 1986 में अपने एक एतिहासिक फैसले में जेहोवाह संप्रदाय के बच्चों के स्कूल में राष्ट्रगान ना गाने को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं माना था और उनको राष्ट्रगान के दौरान चुप रहने की इजाजत दी थी। 1986 में एमानुएल बनाम केरल राज्य के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा था। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में तब आया था जब जोहोवाह समुदाय के प्रोफेसर जे एमानुएल के बेटे को स्कूल ने राष्ट्रगान के दौरान चुप रहने की वजह से स्कूल से निकाल दिया था, इस मामले को लेकर वो सुप्रीम कोर्ट लेकर गए और अपने मजहब में राष्ट्रगान गाने की इजाजत ना होने का हवाला देते हुए राष्ट्रगान के दौरान चुप रहने की इजाजात मांगी। उनकी दलील को कोर्ट ने ठीक माना और एमानुल के बेटे को स्कूल में राष्ट्रगान के दौरान चुप रहने की इजाजत दी। अब सुप्रीम कोर्ट के सिनेमाहॉल में राष्ट्रगान बजाने के आदेश के बाद एक बार इस पर बहस शुरू हो गई है। 
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English summary
Jehovah Witnesses challenge SC anthem order in theaters
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