जयललिता की आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट दे सकता है ये 4 संभावित आदेश

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नई दिल्ली। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच मंगलवार दो अलग-अलग फैसले सुना सकती है। सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट में जस्टिस पिनाकी चंद्र घोस और अमिताव रॉय दोनों का नाम है। यही वजह है कि इस मामले में दो फैसले आने की उम्मीद जताई जा रही है।
उम्मीदों के साथ संभावनाओं का भी दौर

उम्मीदों के साथ संभावनाओं का भी दौर

इस मामले में दो फैसले आने की उम्मीद के साथ कई तरह की संभावनाएं भी सामने आ रही हैं। अगर दोनों जज अलग-अलग फैसला सुनाते हैं तो मामला तीन जजों की बेंच के पास भेजा जाएगा। जो एक बार फिर से पूरे मामले की सुनवाई करेगी। यह आखिरी फैसला होगा। इस मामले में फैसले को लेकर क्या-क्या संभावनाएं हो सकती हैं यह काफी अहम है। READ ALSO: जयललिता और शशिकला पर आय से अधिक संपत्ति मामले में आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

जून 2016 में सुरक्षित रखा था फैसला

जून 2016 में सुरक्षित रखा था फैसला

बेंगलुरु की ट्रायल कोर्ट ने जयललिता, शशिकला नटराजन, इलावारसी और सुधाकरन को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया था। कोर्ट ने 100 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया था और सभी को चार-चार साल जेल की सजा भी सुनाई थी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले में फैसले को पलट दिया और चारों को बरी कर दिया। कर्नाटक ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। इसे लेकर जून 2016 में फैसला सुरक्षित रखा गया था और मंगलवार सुबह 10.30 बजे सुनाया जाएगा। READ ALSO:तमिलनाडु में सियासी संकट के बीच शशिकला ने किया जयललिता के आखिरी शब्दों का खुलासा

ये हैं चार संभावनाएं

ये हैं चार संभावनाएं

1. अगर दोनों जजों का फैसला अलग-अलग होता है तो मामला चीफ जस्टिस के पास जाएगा जो तीन जजों की बेंच बनाकर मामले को सुनवाई के लिए आगे भेजेंगे।

2. जब मामला तीसरे जज के पास जाएगा तब हाई कोर्ट का फैसला लागू रहेगा, यानी शशिकला तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बन सकती हैं। राज्य में छाया राजनीतिक संकट सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भी दूर होने के आसार हैं। READ ALSO: छलके शशिकला के आंसू, कहा नहीं छोड़ सकती अम्मा का साथ

सुप्रीम कोर्ट दे सकता है ये भी आदेश

सुप्रीम कोर्ट दे सकता है ये भी आदेश

3. अगर दोनों जज सभी को दोषी ठहराते हैं लेकिन सजा को लेकर मत अलग रहता है तो शशिकला मुख्यमंत्री पद के लिए अयोग्य साबित हो जाएंगी। तीन जजों की बेंच ही फिर इस मामले में सजा का ऐलान करेगी। अगर शशिकला को दोषी ठहराया जाता है तो वह चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगी। अभी तक नियमों के मुताबिक, कोई भी शख्स बिना विधायक बने छह महीने तक मुख्यमंत्री रह सकता है लेकिन उसके बाद उसका जीतकर सदस्यता लेना जरूरी है।

4. एक एंगल यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट मामले को एक बार फिर से कर्नाटक हाईकोर्ट के पास भेजकर फिर से इस पर विचार करने को कहे क्योंकि मामले की मुख्य आरोपी जयललिता की मौत हो चुकी है।

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English summary
Jayalalithaa DA case Here are the four possible orders supreme court can pass today.
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