तीन माह पहले ही हो चुकी थी कश्‍मीर का माहौल बिगाड़ने की साजिश

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श्रीनगर। जम्‍मू कश्‍मीर के सुलगते माहौल की जांच अब राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। इस जांच में जो कुछ सामने आया है उसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। एनआईए की मानें तो कश्‍मीर में हिंसा फैलानेे की साजिश का पूरा खाका तीन माह पहले ही तैयार कर लिया गया था और वानी की मौत सिर्फ एक बहाना है। घाटी में माहौल को बिगाड़ने के लिए आ रही रकम भी इसी बात की तरफ इशारा करती है।

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वानी की मौत बनी सुनहारा मौका

एनआईए की जांच के मुताबिक घाटी के दुश्‍मन इस बात का इंतजार कर रहे थे कि उन्‍हें अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए बस एक मौका मिले। वानी की मौत उनके लिए वही सुनहरा मौका लेकर आई।

वानी की मौत आठ जुलाई को हुई थी और अगले दिन यानी नौ जुलाई से ही यहां पर हिंसा का दौर जारी है। एनआईए की एक टीम जम्‍मू कश्‍मीर में है और वह आतंकवाद के अलावा आने वाली रकम की भी जांच कर रही है।

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बहादुर अली ने किया इशारा

हाल ही में एनआईए ने लश्‍कर-ए-तैयबा के आतंकी बहादुर अली से पूछताछ की। उसने पूछताछ में बताया कि लश्‍कर ने उसे घाटी में भेजा था। उसे कहा गया था कि वह सुरक्षाबलों पर पत्‍थर और ग्रेनेड फेके। बहादुरी अली को कई माह तक इस तरह के हमलों की ट्रेनिंग दी गई थी।

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वानी की मौत से पहले खोले गए 17 एकाउंट्स

एनआईए का मानना है कि जिस तरह से घाटी में पैसा भेजा गया उससे भी इसी ओर इशारा मिलता है। घाटी में 17 संदिग्‍ध एकाउंट्स खोले गए और जिनमें से कई एकाउंट्स वानी की मौत से पहले ही खोले गए थे।

पैसा निकालते ही एकाउंट्स बंद कर दिए गए थे। इंटेलीजेंस ब्‍यूरो के अधिकारी भी मान रहे हैं कि पाकिस्‍तान इस पूरी साजिश में अलगाववादी नेताओं के साथ हैं।

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English summary
The ongoing investigations that are being conducted by the NIA suggest that the unrest in Jammu and Kashmir was planned three months back.
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