बच्चे को बचाने के लिए अपनी जान पर खेल गया हाथियों का ये कुनबा

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केवनझार (ओडिशा)। ओडिशा में हाथियों के एक झुंड ने अपने बच्चे को बचाने के लिए खुद की जान खतरे में डाल दी। मामला ओडिशा के केवनझार जिले का है।

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नदी में फंस गया था हाथी का बच्चा

बताया जा रहा है कि हाथी का एक बच्चा नदी में फंस गया। जैसे ही हाथियों के झुंड को इसका पता चला तो उन्होंने उसे बचाने के लिए कोशिशें शुरू की।

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उन्होंने बच्चे को किसी तरह नदी से निकाला और एक टापू पर ले गए। हाथियों को झुंड को वह जगह ज्यादा सुरक्षित लगी इसलिए वह उसी टापू पर रुक गए। ये टापू एरेंदेई गांव के पास स्थित है।

इस बीच पता चला कि टापू के करीब मौजूद बैतरिणी नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते हाथियों का झुंप टापू पर ही फंस गया। इस बीच मामले का पता जैसे ही वन विभाग को चला उन्होंने तुरंत ही हाथियों को निकालने की कवायद शुरू कर दी।

राहत-बचाव कार्य में जुटी वन विभाग की टीम

इस राहत कार्य में स्थानीय लोग भी सहयोग के लिए जुट गए। हालांकि लगातार बारिश की वजह से बैतरिणी नदी का जलस्तर बढ़ने से उन्हें निकालने में मुश्किलें आ रही है।

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टापू पर 8 हाथी फंसे हुए हैं। इस बीच हाथियों को खाने-पीने की जरूरी चीजें मुहैया कराई जा रही हैं।

केवनझार डिविजन के वन अधिकारी रोहित लेंका ने बताया कि 8 हाथियों का ये समूह मयूरभंज जिले के सिमलीपाल बाघ अभयारण्य से इस ओर आया। उन्हें खाने की तलाश थी जिसकी वजह से वह पटना के जंगलों में घुस गए। इसी बीच हाथियों का एक बच्चा नदी की बहाव में फंस गया।

रोहित लेंका ने बताया कि हाथियों के झुंड ने अपने बच्चे को बचाने की कवायद शुरू की। उन्होंने किसी तरह उसे तेज बहाव से निकाला और 20 फूट दूर एक टापू पर ले गए।

वन विभाग के साथ स्थानीय लोग भी कर रहे सहयोग

रोहित लेंका के मुताबिक वह नदी पार करने की स्थिति में थे। लेकिन हाथियों के बच्चे को बचाने के लिए उन्होंने कोई जोखिम लेना उचित नहीं समझा और टापू पर रुक गए।  दूसरी ओर स्थानीय लोग और वन विभाग के अधिकारी अधिकारियों की खाने की वस्तुएं मुहैया करा रहे हैं।

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इस बीच वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें हाथियों के झुंड पर नजर है। संभावना है कि जैसे ही नदी का जलस्तर कम होगा और बारिश रुकेगी वह सुरक्षित स्थानों पर चले जाएंगे।

बता दें ओडिशा में हाथियों के लिए सुरक्षित जमीन कम है जिसके चलते उन्हें कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई हाथियों की जान भी इसमें जा चुकी है।

अगर सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2012 तक 840 हाथियों की मौत हो चुकी है। ये हाथी शिकार, ट्रेन से कुचलने जैसे अलग-अलग वजहों से मारे गए। फिलहाल इनकी संख्या लगातार घटती जा रही है।

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English summary
Trying to rescue three month old calf caught in a swelling river, elephants has found itself stranded in Odisha.
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