आईआईटी मद्रास ने बढ़ाई भारत की शान, दुनिया के टॉप 250 शिक्षण संस्थानों में मिली एंट्री

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नई दिल्ली। इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी यानी आईआईटी मद्रास क्वैक्वैरली सायमंड्स यानी क्यूएस की 2016-17 रैंकिंग में शामिल एकमात्र भारतीय शिक्षण संस्थान है। 

मंगलवार को जारी हुई लिस्ट में आईआईटी मद्रास 2015 की अपने रैंकिंग से बढ़कर 249वें नंबर पर आ गया है। इस तरह से वह विश्व के टॉप 250 ​शिक्षण संस्थानों में जगह बनाने को लेकर कामयाब रहा है।

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कई अन्य भारतीय संस्थानों को नुकसान

इस साल की रैंकिंग में 2015 की रैंकिंग के मुकाबले दुनिया के टॉप 700 कॉलेजों में शामिल भारतीय कॉलेजों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज हुई है। इसके बारे में टिप्पणी करते हुए क्यूएस के रिसर्च हेड बेन सोटर ने कहा कि भारतीय संस्थानों का शीर्ष कॉलेजों में नाम न होने के पीछे कई फैक्टर जिम्मेदार हैं।

बेन के मुताबिक, भारत में तुलनात्मक रूप से पीएडी करने वालों की संख्या कम है। यह भी कई कारणों में से एक प्रमुख कारण है।

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तीन वर्षों से लगातार सुधार

आपको बता दें कि आईआईटी मद्रास बीते तीन वर्षों से क्यूएस रैंकिंग में लगातार सुधार कर रहा है। 2014 में इसकी रैंकिंग 322 थी, जबकि अब तक महज तीन वर्षों में इसने 73 पोजीशन का सुधार किया है।

यहां गिर गई है रैंकिंग

हालांकि, शोध कार्यों के आधार पर शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग में आईआईटी मद्रास को 8 स्थान का नुकसान हुआ है। 2015 में यह 93वें नंबर पर था, जबकि अब यह 101वें पर जा गिरा है।

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English summary
Indian Institute of Technology (IIT-Madras) is only Indian institution to get position in the QS (Quacquarelli Symonds) ranking for 2016-17.
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