पीड़िता ने सुनाई बेंगलुरु की शर्मनाक रात की आपबीती- मुझे गलत ढंग से पकड़ा गया, लड़कियां रो रही थीं

'चलती भीड़ में किसी एक को पकड़ना असंभव था। वहां और भी लड़कियां थीं जो उन्हीं की तरह सब झेल रही थीं। उनमें से कुछ रो रही थीं और मदद के लिए चीख रही थीं, दौड़ रही थीं, लेकिन सब बेकार था।'

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बेंगलुरु। नए साल के जश्न के दौरान बेंगलुरु में लड़कियों से हुई छेड़छाड़ की चर्चा पूरे देश में है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिनमें मनचलों की अश्लील हरकते दिख रही हैं। एक ओर पीड़ित लड़कियां यह सब झेलने के बाद खुद को काबू करने और संयमित बनाए रखने को लेकर परेशान हैं तो कई राजनेता इसे संस्कृति से जोड़कर उलटी सीधी बयानबाजी कर रहे हैं। इस घटना का खुलासा करने वाले अखबार 'बेंगलुरु मिरर' से एक लड़की ने संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई। लड़की ने जो कुछ बताया वह काफी खौफनाक है।

पीड़िता ने सुनाई बेंगलुरु की शर्मनाक रात की आपबीती- मुझे गलत ढंग से पकड़ा गया, लड़कियां रो रही थीं

पुलिसवालों ने दी अजीबोगरीब दलील
पीड़िता ने अखबार से संपर्क साधा और फिर घटना के बारे में सारी जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'मैंने और मेरे दोस्तों ने नए साल का जश्न मनाने का प्लान बनाया था। हमने सोचा था कि नए साल की शाम थोड़ी खुशहाल और जश्न से भरी होगी लेकिन यह किसी बुरे सपने से कम नहीं था। घटना के दौरान मेरे दोस्तों ने मुझे बचाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। मैं गुस्से में थी और मैं उस शख्स पर हमला करना चाहती थी जिसने मेरे साथ बदसलूकी की लेकिन वहां कोई शख्स नहीं था जो ये कर रहा था, वहां पूरी भीड़ थी ऐसा करने वालों की।' उन्होंने जब पुलिस से इसकी शिकायत की तो उन लोगों (पुलिस) ने उनसे कहा कि लड़कियों को ऐसी जगहों पर नहीं जाना चाहिए। क्योंकि यह सुरक्षित नहीं है।

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आईटी प्रोफेशनल है पीड़िता
पेशे से आईटी प्रोफेशनल मनीषा गुप्ता ने बताया कि नए साल के जश्न में शरीक होने के बाद रात करीब 11 बजे वह अपने दोस्तों के साथ एमजी रोड मेट्रो के रास्ते पर थी। सड़क पर खासी भीड़ थी। सड़क के दोनों तरफ बैरीकेड लगाए गए थे। मनीषा ने कहा, 'हमें कुछ लोगों ने आगे जाने से रोका क्योंकि उधर पहले ही कई लड़कियों से बदसलूकी हो चुकी थी। मैं कुछ कहती उसके पहले ही भीड़ ने धक्का देना शुरू कर दिया। मेरे दोस्तों ने मेरी सुरक्षा के लिए घेरा बनाा इसके बावजूद मुझे गलत तरीके से पकड़ा गया।' उन्होंने कहा कि चलती भीड़ में किसी एक को पकड़ना असंभव था। वहां और भी लड़कियां थीं जो उन्हीं की तरह सब झेल रही थीं। उनमें से कुछ रो रही थीं और मदद के लिए चीख रही थीं, दौड़ रही थीं, लेकिन सब बेकार था। वहां पुलिस मौजूद थी लेकिन कोई कुछ बोलने के लिए आगे नहीं बढ़ा। वहां सिर्फ दहशत थी। पुलिस ने हालात पर कोई एक्शन नहीं लिया।

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क्या रेप के बाद ही गंभीर होंगे लोग?
मनीषा ने कहा कि वह अपनी पहचान इसलिए जाहिर कर रही हैं क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने कहा, 'मुझे डर लग रहा है। मैं सोचती हूं कि मुझे कोई इस तरह कैसे छू सकता है। मैं कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं हूं। मैं हैरान थी कि ऐसी घटनाओं के बाद कहीं भी कोई रिपोर्ट नहीं थी। क्या रेप होने के बाद ही लोग गंभीर होंगे?' उन्होंने उम्मीद जताई कि और भी लड़कियां आगे आकर अपने साथ हुई घटना की शिकायत करेंगी।

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English summary
I was groped, saw girls crying says a victim of bengarulu molestation on new year's eve.
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