कैसे कैलेंडर के जरिए कश्‍मीर का माहौल खराब कर रहा हुर्रियत

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श्रीनगर। कश्‍मीर में तनाव और हिंसा को 50 दिन हो चुके हैं और हालात अब तक बेकाबू हैं। तनावपूर्ण हालात और बिगड़ जाते हैं जब हुर्रियत कांफ्रेंस हर हफ्ते विरोध प्रदर्शन और हड़ताल वाला अपना कैलेंडर जारी कर देती है। 

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हुर्रियत ने की माहौल बिगाड़ने की साजिश

हुर्रियत की कांफ्रेंस दरअसल विरोध प्रदर्शनों का वह प्रोग्राम है जो हर हफ्ते जारी किया जाता है। हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से हुर्रियत चार कैलेंडर जारी कर चुकी है।

सभी कैलेंडर में हुर्रियत ने पाकिस्‍तान के लिए प्रार्थना की और घाटी में माहौल बिगाड़ने की साजिश तैयार की अधिकारियों की मानें तो हुर्रियत जब तक कैलेंडर जारी करना बंद नहीं करेगी तब तक घाटी में जारी हिंसा बेकाबू ही रहेगी।

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क्‍या था 15अगस्‍त का कैलेंडर 

इस कैलेंडर में सुबह सात बजे से उन सारे रास्‍तों को ब्‍लॉक करने की मांग की गई थी जहां पर भारत की आजादी का दिन जश्‍न के तौर पर मनाया जाने वाले था।

जिले के अधिकारियों से कहा गया था कि वे जम्‍मू कश्‍मीर के किसी भी हिस्‍से में तिरंगा न फहराएं और माता-पिता से उनके बच्‍चों को किसी भी तरह के कार्यक्रम में शामिल न होने को भी कहा गया था।

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14 अगस्‍त यानी जब पाकिस्‍तान की आजादी का दिन था, हुर्रियत ने कहा था पाक की स्थिरता के लिए नमाज के बाद खास प्रार्थना करें। वहीं 15 अगस्‍त को पाक के लिए भी काला दिन बताते हुए काले झंडे फहराने की अपील की गई थी।

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English summary
Week after week the Hurriyat Conference issues a calendar of events for the week which has been one of the main reasons for the violence not subsiding.
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