मोदी सरकार की नोटबंदी बनी काल, अब तक 56 लोगों की हुई मौत

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नई दिल्ली। जहां एक ओर सरकार 500 और 1000 रुपए के नोटों पर बैन लगाकर कालेधन पर लगाम लगाने का दम भर रही है, वहीं दूसरी ओर नोटों पर बैन लगने की वजह से बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनों में लगकर लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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इतना ही नहीं, नोट बैन ने कई लोगों की जान भी ले ली है। नोट बैन से अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है। आइए जानते हैं कब और कहां गई किसकी जान।

56- दिल्ली में एक 25 साल के व्यापारी वीरेन्द्र बसोया ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। कारोबारी की पत्नी ने बताया कि वह अपने 12 लाख रुपए न बदल पाने की वजह से परेशान थे, जो पैसे उन्हें भुगतान के रूप में मिले थे।

55- आंध्र प्रदेश के चित्तूर में 70 साल के शख्स रत्न पिल्लई की बैंक की लाइन में लगे-लगे मौत हो गई। भारी भीड़ होने के चलते उन्होंने मैनेजर से मदद की गुहार भी लगाई और बाद में बेहोश होकर गिर गए।

54- हरियाणा के रोहतक जिले में 56 साल के बैंक मैनेजर राजेश कुमार की लगातार तीन दिन और रात काम करने के बाद मौत हो गई। वह को-ऑपरेटिव बैंक में काम करते थे और रोज ही लोगों की भीड़ को संभाल रहे थे। जब सिक्योरिटी गार्ड ने दरवाजा खोला तो उनकी शव पाया।

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53- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 70 साल के एक शख्स इश्तेयाक अहमद की बैंक की लाइन में खड़े-खड़े ही मौत हो गई

52- राजस्थान के सीकर जिले में चाय बेचने वाले 62 साल के जगदीश पंवार की तनाव में मौत हो गई। उसे अपनी बेटी की शादी करनी थी, लेकिन उसके पास नोटबंदी की वजह से पैसे नहीं थे। सीकर प्रशासन ने बताया कि स्थानीय बैंकों को दो दिनों तक रिजर्व बैंक से नए नोट नहीं मिले थे।

51- शेख बशीर नाम के 35 साल के एक ऑटो ड्राइवर की तेलंगाना के निजामाबाद जिले में मौत हो गई, क्योंकि वह गाड़ी के लिए उधार लिए पैसों को पुरानी कंरसी में ही कर्ज देने वाले को लौटा रहा था, लेकिन उसने पुराने नोट लेने से मना कर दिया।

50- मेरठ में एक बैंक के सामने लाइन में लगे-लगे मोहम्मद शाहजाद की मौत हो गई, जो एक मजदूर था। यह लगातार चौथा दिन था जब वह अपने पैसे जमा कराने के लिए बैंक गया हुआ था।

49- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक 70 साल के भूतपूर्व सैनिक बाबूलाल बाल्मीकि की बैंक से महज 100 मीटर की दूरी पर मौत हो गई। वह 12 हजार रुपए लेकर बैंक गए हुए थे।

48- झारखंड के पालामु में एक बैंक की लाइन में लगे-लगे राम चंद्र पासवान की मौत हो गई। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि लाइन बहुत लंबी थी और उन्हें काफी देर इंतजार करना पड़ रहा था।

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47- उत्तर प्रदेश के बलिया में सुरेश सोनार की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। घंटों बैंक में बिताने के बावजूद वह अपने पैसे नहीं बदलवा पा रहे थे। परिवार ने बताया कि वह बहुत ही तनाव में थे, क्योंकि उन्हें बेटी के तिलक समारोह के लिए पैसों की जरूरत थी।

46- ग्रामीण पुणे में 53 साल के बैंक चपरासी तुकाराम तानपुरे की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। तुकाराम के साथियों ने बताया कि वह भी नोटबंदी से काफी तनाव में था और रोजाना 12 घंटे काम कर रहा था।

45- महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में 60 साल के दिगम्बर कस्बे की बैंक की लाइन में लगे-लगे मौत हो गई। वह कई घंटों से लाइन में लगी हुई थीं।

44- झारखंड के बोकारो जिले में नोटबंदी के बाद आर्थिक तनाव के चलते 20 साल के लवकुश की मौत हो गई है। उसके पिता को नोटबंदी की वजह से काम नहीं मिल पा रहा था।

43- झारखंड के बोकारो में जैसे ही लवकुश की मौत के बारे में उसकी दादी को पता चला, तो सदमें से उनकी भी मौत हो गई

42- तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले में बल्लैया नाम के 45 साल के एक किसान ने पूरे परिवार के खाने में कीटनाश मिला दिया और खुद भी खा लिया। उसके ऊपर काफी कर्जा था, जिसके चलते वह अपनी जमीन बेचना चाहता था। नोटबंदी के बाद उसकी जमीन की कीमत 6-7 लाख रुपए प्रति एकड़ से घटकर 2-3 लाख रुपए प्रति एकड़ हो गई।

41- तेलंगाना के सिद्दिपेट में बल्लैया के 65 साल के पिता गैल्लैया की भी मौत हो गई। वहीं बल्लैया की पत्नी और बेटा अस्पताल में भर्ती हैं।

40- पुरानी दिल्ली में 48 साल के एक शख्स सऊद उर रहमान की बैंक की लाइन में लगे-लगे ही मौत हो गई। यह उनका दूसरा दिन था, जब वह पैसे बदलने के लिए बैंक आए थे।

39- उत्तर प्रदेश के बरेली में 56 वर्षीय खालिक नाम के एक शख्स की लाइन में लगे-लगे ही मौत हो गई। उसके परिवार वालों ने बताया कि वह नोटबंदी के फैसले के बाद काफी दुखी था।

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38- मुंबई में एक बैंक के बाहर लाइन में लगे-लगे ही दीपक शाह नाम के 60 साल के व्यक्ति की मौत हो गई

37- मध्य प्रदेश के भोपाल में संजय प्रजापत नाम का एक शख्स अपने साथ ओरिजनल आधार कार्ड नहीं ले गया था। जब उसे बैंक के बाहर लाइन में लगे लोगों ने बताया कि फोटो कॉपी से काम नहीं चलेगा, ओरिजनल आधार कार्ड चाहिए तो वह अपने पिता को अपनी जगह लाइन में लगाकर आधार कार्ड लाने घर जाने लगा, तभी दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई

36- आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में जैसे ही 70 वर्षीय विजय लक्ष्मी नाम की एक महिला अपना 500 रुपए का नोट बदलने के लिए बैंक में घुसी, वैसे ही उसकी मौत हो गई

35- पश्चिम बंगाल के कूच बेहार जिले में रहने वाली 56 साली की धारानी कान्ता भौमिक की लाइन में लगे-लगे मौत हो गई। पेशे से अध्यापक वह महिला 3 दिनों से लगातार अपने पैसे बदलवाने के लिए बैंक में लाइन लगा रही थी, लेकिन पैसे नहीं बदलवा सकी।

34- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक किसान ने आत्महत्या कर ली है। वह अपनी बेटी की शादी के लिए अपनी ढाई बीघा जमीन गिरवी रखने से मिले 60,000 रुपए को लेकर चिंतित था। 4 दिसंबर को उसकी बेटी की शादी है। इसी परेशानी के चलते वह 13 नवंबर की रात घर से बाहर चले गए और 14 नवंबर की सुबह उनका शव पेड़ से लटकता हुआ मिला।

33- पंजाब के तरनतारन में बेटी की शादी से 4 दिन पहले ही शख्स को दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई है। मृतक की पत्नी सुरजीत कौर का कहना है कि अपनी बेटी की शादी के लिए उन्होंने जो भी पैसे जमा किए थे, नोट बैन होने के कारण उसे लेने से हर कोई मना कर रहा था, जिसकी वजह से वह बहुत परेशान थे। इसके बाद उन्होंने सीने में दर्द होने की शिकायत की और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।

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32- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक बीएसएफ जवान के 17 साल के लड़के सुमित ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसकी मां ने उसे छोटे डिनोमिनेशन के नोट (छोटे नोट यानी 100, 50, 20, 10 आदि के नोट) नहीं दिए।

31- उड़ीसा के संभलपुर में एक 2 साल के बच्चे की मौत हो गई, क्योंकि ऑटो वाले ने उन्हें अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। दरअसल, परिवार वालों के पास उस समय सिर्फ 500 के नोट थे जो मोदी सरकार द्वारा बैन लगाए जाने के बाद अमान्य हो चुके हैं, जिन्हें ऑटो वाले ने लेने से मना कर दिया था।

30- तेलंगाना के सिकंदराबाद में आंध्रा बैंक की एक ब्रांच के बाहर करीब दो घंटे से लाइन में लगे रहने के बाद 75 वर्षीय लक्ष्मीनारायण बेहोश होकर गिर गए और उनकी मौत हो गई। वह बैंक में 1.7 लाख रुपए जमा करने गए थे। तब तक बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग लाइन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। हालांकि, अब सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की अलग लाइन की व्यवस्था करने की बात कही है।

29- बिहार के औरंगाबाद में सुरेन्द्र शर्मा नाम के एक बुजुर्ग शख्स की बैंक के बाहर लगी लाइन में लगे-लगे ही मौत हो गई।

28- मध्य प्रदेश के छतरपुर में रहने वाले एक किसान हालके लोधी ने आत्महत्या कर ली। उसके बाद खाद और बीज खरीदने के लिए पैसे नहीं थी, जिससे वह रबी की फसल लगा सके। उनके एक रिश्तेदार भूपेन्द्र लोधी ने कहा कि अगर उसके सारे पैसों के बदले बैंक से नए नोट मिल गए होते तो वह आत्महत्या नहीं करता।

27- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक फैक्ट्री में काम करने वाला 60 साल का अजीज अंसारी नाम का एक मजदूर बैंक में दिल का दौरा पड़ने से मर गया। बताया जा रहा है कि यह उस शख्स का लगातार तीसरा दिन था, जब वह अपने पैसे बदलवाने के लिए बैंक की लाइन में लगा था।

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26- उत्तर प्रदेश के जालौन में 70 साल के रघुनाथ वर्मा की बैंक की लाइन में लगे-लगे मौत हो गई। उनके बेटे ने बताया कि उन्हें शादी के खर्च के लिए 2 लाख रुपए की जरूरत थी, जिसके लिए वह लगातार 3 दिन तक बैंक गए और बैंक मैनेजर से भी बात की, लेकिन बावजूद इसके उन्हें कोई सहायता नहीं मिल सकी। बेटे के अनुसार शनिवार (12 नवंबर) को उसके पिता बैंक मैनेजर के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए भी थे।

25- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कैलाश अस्पताल में एक बच्चे की मौत हो गई, क्योंकि उसके मां-बाप के पास नए नोट नहीं थे। अस्पताल ने 10,000 रुपए जमा करने को कहा था, लेकिन वह नहीं कर पाए तो अस्पताल ने इलाज से मना कर दिया। आपको बता दें कि यह अस्पताल केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा का है।

24- दिल्ली में 24 साल की रिजवाना नाम की एक महिला ने पंखे से दुपट्टे के सहारे लटककर आत्महत्या कर ली। महिला तीन दिन से लगातार लाइन में लगकर पैसे बदलवाना चाह रही थी, लेकिन एक बार भी सफल नहीं हो पाई और पैसों की दिक्कत के चलते उसने आत्महत्या कर ली।

23- गुजरात के सूरत में 50 साल की एक महिला ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि वह अपने परिवार के लिए राशन नहीं खरीद पा रही थी। हर दुकानदार ने उनके पास पड़े 500 और 1000 रुपए के नोट को लेने से मना कर दिया।

22- उत्तर प्रदेश के शामली में एक 20 वर्षीय महिला शबाना ने आत्महत्या कर ली। जब उसका भाई बैंक की लाइन में लगने के बावजूद पैसे नहीं बदलवा सका और वापस घर आया तो देखा कि उसकी बहन पंखे से लटकी हुई है।

21- कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में 40 साल की एक महिला ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि वह 15 हजार रुपए लेकर उसे जमा करने बैंक गई थी, लेकिन वो चोरी हो गए। यह पैसे उसने अपने शराबी पति से बचाकर रखे थे, ताकि मुसीबत के समय काम आ सकें।

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20- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक 45 वर्षीय किसान लगातार तीन दिनों तक बैंक के बाहर लाइन में लगने के बावजूद 3000 रुपए बदलवाने में असमर्थ रहा। उसे यह पैसे अपने बेटे को तमिलनाडु भेजने थे। वह जब बैंक से घर लौटा तो उसने आत्महत्या कर ली।

19- गुजरात के सुरेन्द्र नगर जिले में लिंबड़ी नाम के मुहल्ले में रहने वाले 69 वर्षीय व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वह बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच के बाहर लाइन में लगे हुए थे और अपने पैसे बदलवाने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे।

18- उत्तर प्रदेश के कानपुर में रहने वाली एक महिला की नोट गिनते समय मौत हो गई। पुलिस के अनुसार उसके मृत शरीर के पास करीब 2.69 लाख के पुराने नोट मिले थे। पुलिस का मानना है कि महिला की मौत नोट बैन के बाद उनके पास पड़े पुराने नोट बेकार हो जाने के डर से हुई है।

17- उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक व्यक्ति को पीएम मोदी द्वारा की जा रही नोट बैन की घोषणा को टीवी पर देखते हुए ही दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। एक दिन पहले ही उस शख्स को अपनी जमीन बेचकर 70 लाख रुपए मिले थे। वह अपनी जमीन को कई महीनों से बेचना चाह रहा था।

16- मुंबई में एक अस्पताल ने एक नवजात का इलाज करने से मना कर दिया, क्योंकि नवजात के माता-पिता के पास सिर्फ पुराने नोट थे। इलाज न हो पाने के कारण बच्चे की मौत हो गई। सरकार ने पुराने नोटों के सिर्फ सरकारी अस्पताल में चलने की बात कही है।

15- विशाखापट्टनम में 18 महीने की बच्ची कोमाली की मौत हो गई, क्योंकि उसे माता-पिता के पास दवा खरीदने के लिए नए नोट नहीं थे और पुराने नोट स्वीकार नहीं किए जा रहे थे। सभी निजी अस्पतालों ने पुराने नोट लेने से इनकार कर दिया था।

14- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में डॉक्टरों ने एक परिवार के पास 100 रुपए कम होने के चलते बुखार से तड़प रहे उनके बच्चे का इलाज नहीं किया। माता-पिता बच्चे को घर ले आए, जहां पर उसकी मौत हो गई।

13- राजस्थान के पाली जिले में चंपालाल मेघवाल के नवजात बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं तैयार हुई, क्योंकि उनसे पास सिर्फ 500 और 1000 रुपए के नोट थे। जब तक मेघवाल 100 रुपए के नोटों का इंतजाम कर पाए, तब तक उनके बच्चे की मौत हो चुकी थी।

12- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक कपड़े धोने वाली महिला को इसका पता तब चला, जब वह 1000 रुपए जमा करने बैंक पहुंची। जैसे ही वहां पर उसे बताया गया कि यह नोट सरकार की तरफ से बैन कर दिए गए हैं, वह सदमे से मर गई

11- तेलंगाना के माहुबाबाद जिले में 55 साल की कांडुकुरी विनोदा ने आत्महत्या कर ली। उसे लगा कि उसने जो 54 लाख रुपए जमा कर रखे हैं, वह अब बेकार हो जाएंगे। यह पैसे उन्होंने अपनी जमीन बेचकर जमा किए थे, ताकि वह अपने पति का इलाज करा सकें, बेटी का दहेज दे सकें और खुद के लिए जमीन का छोटा सा टुकड़ा खरीद सकें।

10- पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक शख्स ने नोट बैन होने की वजह से परेशान होकर अपनी पत्नी मधु की हत्या कर दी। दरअसल वह एटीएम से खाली हाथ लौटी थी, जबकि उसके पति का मानना था कि उसे और देर तक एटीएम की लाइन में लगे रहना चाहिए था।

9- बिहार के कैमूर जिले में 45 साल के राम अवध शाह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उन्हें डर था कि उनकी बेटी के ससुराल वाले अब पुराने नोटों को दहेज के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने 35,000 रुपए जमा किए थे।

8- केरल के थैलेसरी में एक 45 साल के शख्स केके उन्नी एक दिन असफल रहने के बाद दूसरे दिन जब बैंक में 5 लाख रुपए जमा करने गए तो वहां पर वह दूसरी मंजिल से नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना उस वक्त हुई जब वह पैसे जमा करने की रसीद को भर रहे थे। वह व्यक्ति राज्य बिजली विभाग का एक कर्मचारी था, जिसने एक दिन पहले ही बैंक से लोन के रूप में वह पैसे लिए थे। बताया जा रहा है कि वह परेशान था, क्योंकि अब पैसे नहीं बदले जा सकेंगे।

7- मुंबई में विश्वास वर्तक नाम के एक 72 वर्षीय शख्स की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उस समय वह पैसे जमा करने के लिए बैंक की लाइन में लगे हुए थे।

6- गुजरात के तारापुर में 47 साल के बरकत शेख नाम के एक शख्स की दिल की दौरा पड़ने से मौत हो गई। उसे मजदूरों को दिहाड़ी देने के लिए पैसों की जरूरत थी और वह पैसे बदलवाने के लिए ही लाइन में लगे हुए थे।

5- केरल के अलप्पुझा में 75 साल के बुजुर्ग शख्स कार्तिकेय बैंक के सामने ही बेहोश होकर गिर गए और मर गए। वह लाइन में घंटे भर से भी अधिक से अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे।

4- कर्नाटक के उडुपी में 96 साल की बुजुर्ग महिला गोपाला शेट्टी की मौत बैंक की लंबी लाइन में लगे-लगे हो गई। आपको बता दें कि उस समय तक अभी बैंक खुला भी नहीं था।

3- मध्य प्रदेश के सागर में 69 साल के विनय कुमार पांडे की बैंक की लाइन में लगे-लगे मौत हो गई। विनय बीएसएनएल के एक रिटायर्ड कर्मचारी थे, जो बैंक की लाइन में नोट एक्सचेंज करने के लिए लगे हुए थे।

2- मध्य प्रदेश के भोपाल में भारतीय स्टेट बैंक का एक कैशियर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। बैंक के कर्मचारी अधिक घंटों तक काम करके लंबी लाइनों में लगे लोगों को परेशानी से बचा रहे हैं।

1- उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में एक व्यपारी ने प्रधानमंत्री द्वारा नोट बैन की घोषणा को देखने के कुछ देर बाद ही सीने में दर्द की शिकायत की और उसके बाद इससे पहले कि उन्हें डॉक्टर तक ले जा पाते, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

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English summary
how many people died after 500 and 1000 rupees currency ban
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