जानिए किस प्रक्रिया के तहत लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को चुना गया आर्मी चीफ

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नई दिल्‍ली। शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को इंडियन आर्मी का नया चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ (सीओएएस) बनाया गया। लेफ्टिनेंट जनरल रावत, आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह सुहाग की जगह लेंगे जो 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं।

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सेलेक्‍शन के साथ शुरू हुआ विवाद

उनके अप्‍वाइंटमेंट के साथ ही एक नए विवाद ने भी जन्‍म ले लिया। पारंपरिक तौर पर सबसे सीनियर ऑफिसर को ही आर्मी चीफ बनाया जाता है। ऐसे में ईस्‍टर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्‍शी का नाम रेस में सबसे आगे थे।

पढ़ें-तो इसलिए लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत बने हैं चीफ

क्‍या हुआ था वर्ष 1983 में

वर्ष 1983 के बाद यह पहला मौका है जब किसी सीनियर ऑफिसर की जगह उसके जूनियर ऑफिसर को आर्मी चीफ बनाया गया है।

जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं तो उन्‍होंने अरुण श्रीधर वैद्य को आर्मी चीफ नियुक्‍त किया था।

उनकी नियुक्ति ऑपरेशन ब्‍लूस्‍टार की लॉन्चिंग के समय हुई थी। लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिन्‍हा की जगह जब वैद्य को आर्मी चीफ बनाया गया तो उन्‍होंने अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर डाला।

आखिर कैसे और किस प्रक्रिया के तहत इंडियन आर्मी के लिए नए चीफ का चुनाव किया जाता है। एक नजर डालिए इस पूरी प्रक्रिया पर।

कौन कैसे चुनता है आर्मी चीफ

  • देश की सरकार के पास आर्मी चीफ को चुनने की शक्ति होती है। 
  • सरकार सुरक्षा स्थिति और समय-समय पर आती जरूरतों के हिसाब से आर्मी चीफ चुनती है। 
  • इस दौरान वरिष्‍ठता या सीनियॉरिटी को प्रमुखता दी जाती है। 
  • अप्‍वाइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) का निर्णय इस बाबत अंतिम होता है। 
  • एसीसी में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षा मंत्री शामिल होते हैं। 
  • आर्मी चीफ के अप्‍वाइंटमेंट की प्रक्रिया चार-पांच माह पहले शुरू हो जाती है। 
  • रक्षा मंत्रालय की ओर से सभी योग्‍य लेफ्टिनेंट जनरल के प्रोफेशनल प्रोफाइल मंगाए जाते हैं। 
  • प्रोफाइल्‍स में उप सेना प्रमुख और विभिन्‍न कमांड्स के कमांडिग इन चीफ्स की भी प्रोफाइल शामिल होती है। 
  • सर्विस हेडक्‍वार्टर की ओर से योग्‍य उम्‍मीदवारों का डाटा आगे भेजा जाता है। 
  • इसमें उनकी कई उपब्धियों के अलावा उनके ऑपरेशनल अनुभव को भी शामिल किया जाता है। 
  • डाटा को मंत्रालय और रक्षा मंत्री की ओर एसीसी के पास विचार और चयन के मकसद से भेजा जाता है। 
  • सरकार की ओर भावी सीओएएस की नियुक्ति कर दी जाती है ताकि उप-सेना प्रमुख भी उससे परिचित हो सकें।
  • नए आर्मी चीफ के नाम का ऐलान दो या तीन माह पहले ही कर दिया जाता है। 
  • चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ का कार्यकाल तीन वर्ष होता है।
  • इसके अलावा अगर चीफ की उम्र 62 वर्ष हो रही है तो फिर वह तीन वर्ष से पहले भी रिटायर हो जाते हैं। 
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English summary
Lt General Bipin Rawat will be the next chief of Indian Army. However his selection has sparked a controversy too.
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