पूरी तरह फिल्मी है कैशवैन लूट की ये कहानी, जो पुलिस के लिए भी बन गई सिरदर्द

पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो लूट का ये मामला बॉलीवुड फिल्म 'बंटी-बबली' की तर्ज पर दिखा। कैश वैन का ड्राइवर और उसकी पत्नी ने इतना शातिर प्लान बनाया कि पुलिस की हर योजना से दो कदम आगे रहे।

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नई दिल्ली। बेंगलुरु में एटीएम कैश वैन में 1.37 करोड़ रुपये लेकर फरार होने वाले ड्राइवर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। इस साजिश में शामिल उसकी पत्नी ने भी रविवार को सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो लूट का ये मामला बॉलीवुड फिल्म 'बंटी-बबली' की तर्ज पर दिखा। कैश वैन का ड्राइवर और उसकी पत्नी ने इतना शातिर प्लान बनाया कि पुलिस की हर योजना से दो कदम आगे रहे।

ATM में पैसा भर रहे थे साथी, वैन लेकर फरार हुआ था ड्राइवर

23 नवंबर कैश वैन ड्राइवर डॉमिनिक रॉय (43) केजी रोड से वैन लेकर तब फरार हो गया जब उसके साथी एटीएम मशीन में पैसा भर रहे थे। वहां से भागने के बाद उसने माउंट कार्मेल कॉलेज वसंतनगर के पास कुछ कैश बॉक्स निकाले और एक ऑटो रिक्शा में बैठकर लिंगराजपुरम स्थित अपने घर की ओर जाने लगा। घर जाने से पहले वह एक स्टोर पर रुका और वहां एक हथौड़ी खरीदी। उसने दुकाने के पीछे जाकर हथौड़ी के जरिए उसने बॉक्स तोड़े और उनमें रखा पैसा बैग में भर लिया। पुलिस ने दुकानदार से इसे लेकर सवाल भी किया लेकिन वह कुछ नहीं बता पाया।

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घर में सामान पैक करके तैयार बैठी थी पत्नी

जब वह घर पहुंचा तो उसकी पत्नी एवलिन मेरी (39) अपने 10 साल के बेटे के साथ तैयार बैठी थी। उसने सारा सामान पैक कर रखा था। उन्होंने इस वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले घर का कुछ सामान बेच भी दिया था। उन्होंने घर के बाहर से शिवाजीनगर के लिए रिक्शा लिया और बस स्टैंड के पास इंपीरियल होटल में बिरयानी भी खाई। इसके बाद उन्होंने अपने सिम कार्ड तोड़कर होटल के डस्टबिन में फेंक दिए। वहां से वे बस स्टैंड गए और वेल्लौर की बस पकड़ी। जहां वे एक लॉज में ठहरे।

26 नवंबर को वे ट्रेन से विजयवाड़ा पहुंचे। वहां वे एवलिन की आंटी से मिले और शाम तक वहीं रहे। शाम को उन्होंने बेंगलुरू के लिए बस पकड़ी। वे 27 नवंबर की शाम शहर पहुंचे और सीधे अपने वकील के पास गए।

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पत्नी ने लिया सरेंडर का फैसला

एवलिन ने वकील की सलाह पर सरेंडर करने का फैसला लिया क्योंकि उनके पास कोई और विकल्प नहीं था। उसने अपने बेटे के साथ बनासवाड़ी पुलिस स्टेशन में सरेंडर किया। उसके पास 79.08 लाख रुपये बरामद हुए। सोमवार दोपहर तक उसे उप्परपेट पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया था। जबकि डॉमिनिक के पास करीब 13 लाख रुपये थे और उसका पासपोर्ट भी उसके पास था।

क्या है पर्दे के पीछे की कहानी

डॉमिनिक पेशे से ड्राइवर था और पहले मजदूरी करता खा। उसका पहली पत्नी से तलाक हो चुका है और एक बेटा भी है। एवलिन एंग्लो-इंडियन है और वह भी तलाकशुदा है। पहली शादी से उसका एक बच्चा है। वो दोनों एवलिन के ही घर में रहते थे और हाल ही में शादी की थी। शादी के कुछ दिन वाद एवलिन हाउसमेड के काम के लिए दुबई गई लेकिन वहां से जल्द ही वापस आ गई। वह एक नवंबर को वापस आई और उसी दिन डॉमिनिक ने सिक्योर ट्रांजिट ज्वाइन किया। वहां से उसे लॉजिस्टिक सॉल्यूशन के लिए कैशवैन ड्राइवर के तौर पर भेजा गया। उसने वहां 7 नवंबर तक काम किया और फिर 10 दिन की छुट्टी पर चला गया। उसने 18 नवंबर को फिर से ज्वाइन किया और 23 को वैन लेकर फरार हो गया।

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ऐसे पुलिस से दो कदम आगे रहे पति-पत्नी

कैशवैन लूट की घटना के तुरंत बाद पुलिस ने ड्राइवर को लेकर जानकारी जुटाई और उसके घर पर पहुंची। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही वे निकल चुके थे। पुलिस करीब 3 बजे वहां पहुंची थी। त्रिशूर में भी पुलिस दोनों को पकड़ने के लिए जब लॉज में पहुंची तो दोनों उसके करीब 2 घंटे पहले ही वहां से निकल चुके थे। लूट के बाद दोनों ने अपने सिम तोड़ दिए थे और सिर्फ सिक्के वाले फोन से रिश्तेदारों से बात कर रहे थे। पुलिस को जो भी लीड मिलीं वो एवलिन की मां के फोन के आधार पर मिलीं, जबकि डॉमिनिक अपने परिवार से संपर्क में ज्यादा रहता नहीं था। मंगलवार को उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

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English summary
how filmy was the cash van loot in bengaluru done by husband and wife.
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