फेसबुक और मोबाइल की मदद से NIA को मिले मसूद अजहर के खिलाफ सबूत

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नई दिल्ली। पाकिस्तान हमेशा से ही भारत में हुए आतंकी हमलों में उसका हाथ होने की बात से इनकार करता रहा है। मुंबई हमलों और पठानकोट हमले में भी पाकिस्तान ने उसका हाथ होने से इनकार किया था। लेकिन पठानकोट आतंकी हमले में जब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के खिलाफ अहम सबूत जमा किए।

masood azhar

एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर और उसके साथियों के खिलाफ तगड़ा केस बनाया है। मसूद अजहर के अलावा इस केस में उसके छोटे भाई अब्दुल रौफ असगर, शाहिद लतीफ और काशिफ जैन के खिलाफ केस बनाया है।

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फेसबुक चैट ने की मदद

एनआईए की छानबीन में यह सामने आया है कि जिस पाकिस्तानी नंबर 923453030479 से आतंकियों ने पठानकोट आतंकी हमले के दौरान बात की थी वह काशिफ जान के फेसबुक प्रोफाइल (जिसकी प्रोफाइल आईडी 100004609026581 है) से जुड़ा हुआ है।

काशिफ जान की फेसबुक आईडी से एनआईए को कई अहम सबूत मिले हैं। एनआईए को काशिफ जान की फेसबुक प्रोफाइल की मीडिया फाइल और वेब चैट से उन अन्य फेसबुक यूजर्स से जुड़े होने के सबूत मिले हैं, जिनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद से है।

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काशिफ है अहम व्यक्ति

काशिफ जान ने पठानकोट आतंकी हमले की तस्वीरें भी अपलोड की थीं और उन्हें लाइक और शेयर करने की मांग की थी। यह प्रोफाइल इसी साल 5 जनवरी को डीएक्टिवेट कर दी गई, जिस दिन मुठभेड़ खत्म हुई थी।

इसके अलावा एक टेलिफोन नंबर 923453030479, एक आईएओ नंबर, एक वेब आधारित चैट और मैसेजिंग सर्विस प्रोवाइडर मिले हैं, जिनका इस्तेमाल स्मार्टफोन बनाने वाली एक पाकिस्तानी कंपनी क्यू मोबाइल x600 के द्वारा किया गया था। उसने इस नंबर का इस्तेमाल 26/11 हमले और गाजी बाबा की तस्वीरें ढूंढ़ने और हथियारों की खोज के लिए किया था।

शाहिद लतीफ का नंबर भी एनआईए को मिला है। ये नंबर 923138014038 है जो गूगल मेल आईडी shahid.lateef77@gmail.com से जुड़ा हुआ है।

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ये भी ध्यान दें

1 जनवरी को नासिर नाम के एक आतंकी ने पाकिस्तानी नंबर 923466746667 पर छीने गए एक मोबाइल नंबर से फोन बात की थी। जिस व्यक्ति से बात की गई थी उसका नाम खैयम भाटी था, जो पाकिस्तान के सियालकोट में परचून की एक दुकान चलाता है।

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English summary
how facebook and mobile phones helped nia to find proof against masood
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