महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र, कहा- नहीं जाना बेटे के पास अमेरिका

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अहमदाबाद। गुजरात स्थित अहमदाबाद की कांता बेन शाह 90 साल की हैं। अपनी वृद्धावस्था के चलते वो हमेशा अपने बड़े बेटे के घर के बेडरूम में रही हैं। कांताबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने गुहार लगाई है कि उन्हें जबरदस्ती अमेरिका भेजे जाने से रोका जाए। अपने पत्र में कांताबेन ने लिखा है कि मैं भारत में पैदा हुई। मैंने अपनी पूरी जिंदगी अहमदाबाद में बिता दी।

महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र, कहा- नहीं जाना बेटे के पास अमेरिका

लिखा है कि मैं मेरे बड़े बेटे के साथ अमेरिका भेजा जा रहा है।मैंने अमेरिकी नागरिकता भी प्राप्त कर ली है। दुर्भाग्य से मेरे दूसरे बेटे ने मुझे भारत भेज दिया। उसने मेरे वीजा की तारीख भी नीं जांची। वीजा नियमों के मुताबिक मुझे 72 घंटे दिए गए। मैंने भारत में रहने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी संपर्क किया। कृपया मेरी मदद करें क्योंकि मैं अब इस हालत में नहीं हूं कि मैं अपने बड़े बेटे के साथ वापस अमेरिकी में जाकर रहूं।

बता दें कि कांताबेन बीते साल 15 नवंबर को अहमदाबाद आई थी। उनके पास 5 वर्षीय विजटिंग वीजा है, जो 15 अगस्त 2016 को ही एक्सपायर हो चुका है। अधिकारियों ने उन्हें वीजा नियमों के मुताबिक 72 घंटे के भीतर अमेरिका वापस जाने के लिए कहा है। कांताबेन ने याचिका की है कि वो अपना बाकी का जीवन भारत में ही गुजार सकें, उन्हें इस बात की आज्ञा दी जाए।

 

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English summary
Gujarat's women wrote letter to prime minister narendra modi
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