जाकिर नाईक के एनजीओ पर शिकंजा, मिलने वाले चंदे की सरकार को देनी होगी जानकारी

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नई दिल्ली। विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक का एनजीओ अब सीधे विदेशी चंदा नहीं ले सकेगा। उसे विदेश से आने वाले फंड की जानकारी सरकार को देनी होगी। ऐसा केंद्र सरकार के एक फैसले की वजह से होगा।

zakir naik

जाकिर नाईक के एनजीओ पर खास नजर

केंद्र सरकार ने अहम फैसला लेते हुए जाकिर नाईक के एनजीओ को अंडर प्रायर परमिशन श्रेणी में डाल दिया है। गृह मंत्रालय ने इस मामले में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

जाकिर नाइक की संस्था पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरु

इस फैसले के बाद अब जाकिर नाईक का एनजीओ सीधे विदेशी फंड न लेकर पहले सरकार को इसकी जानकारी देगा। सरकार के फैसले के बाद ही ये फंड एनजीओ के अकाउंट में ट्रांसफर होगा।

गृह मंत्रालय ने गैजेट नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) एजुकेशन ट्रस्ट को मिलने वाले फंड में कई तरह की अनियमितता है। इसमें विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) 2010 के नियमों की अनदेखी जा गई है।

मिलने वाले विदेशी फंड की सरकार को देनी होगी जानकारी

इसी के आधार पर जाकिर नाईक के एनजीओ और पीस टीवी को मिलने वाले फंड की जानकारी सरकार को देनी होगी। अब ये एनजीओ विदेश से सीधे कोई किसी तरह का लेनदेन नहीं कर सकेगा।

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सरकार के इस फैसले के पीछे कई वजह है। इनमें एक कारण ये भी है कि जाकिर नाईक और उसकी संस्था इन फंड्स का इस्तेमाल युवाओं की विचारधारा को बदलने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने में करते हैं।

जानकारी के मुताबिक अगर आईआरएफ संस्था नियमों की अनदेखी आगे भी करेगी तो उस पर बैन भी लगाया जा सकता है।

जाकिर नाईक पर महाराष्ट्र पुलिस ने भी दर्ज किए हैं केस

जाकिर नाईक के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने पहले ही कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर रखा है। फिलहाल जाकिर नाईक विदेश में है और उसके खिलाफ जब से खुलासे शुरू हुए हैं वो भारत नहीं लौटा है।

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जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन उस वक्त घेरे में आ गई थी जब बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकी ने जाकिर नाइक के भाषणों का हवाला दिया था।

गृह मंत्रालय आतंक रोधी कानून के तहत जाकिर नाइक की संस्था पर प्रतिबंध पर विचार कर रही है। सूत्रों की मानें तो इसको लेकर कैबिनेट की मीटिंग के लिए गृह मंत्रालय ने मसौदा भी तैयार कर लिया है।

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English summary
government Put Zakir Naik NGO on under Prior Permission List, Can not Get Foreign Funds Without Nod.
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