मोदी सरकार का चला डंडा, 2 'लापरवाह' IPS अफसर बर्खास्‍त

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नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दो अफसरों को जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है। यह फैसला पीएम मोदी की अफसरों को सख्‍त हिदायत के बाद लिया गया है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा था कि जो सही तरीके से काम नहीं करेगा या जिसका सर्विस रिकॉर्ड सही नहीं होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक ऐसी कार्रवाई दो दशक के बाद की गई है।

मोदी सरकार का चला डंडा, 2 'लापरवाह' IPS अफसर बर्खास्‍त

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1998 बैच के अधिकारी मयंक शील चौहान और छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के अधिकारी राजकुमार देवांगन को ऑल इंडिया डेथ कम रिटायरमेंट रूल 16 (3) के तहत - 1958 के तहत ''समय से पहले सेवानिवृत्ति'' दे दी गई है। इस रूल के तहत सर्विस के 15 और 25 साल के बाद हर राज्य अफसरों का आकलन करता है। अगर अफसर इस रिव्यू में सही नहीं पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। नोटबंदी का बम फेंककर मोदी ने देश को नागासाकी-हिरोशिमा बना दिया: शिवसेना

बता दें कि मयंक उस दौरान चर्चा में आए थे जब असम में तैनाती के समय वह अचानक गायब हो गए थे। इस मामले में काफी विवाद हुआ था। पहले उनकी अपहरण की खबर आई लेकिन बाद में जानकारी मिली थी कि वह खुद गायब हुए थे और दिल्ली में छिपे थे। इसके अलावा भी कई दूसरे विवादों में उनका नाम आया था। उनकी पत्नी भी गलत प्रमाण पत्र के साथ एक एयरलाइंस में नौकरी करने के आरोप में फंसी थी।

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English summary
In a rare and stern message to bureaucrats who fail to perform well in their careers, the government has compulsorily retired two IPS officers on the basis of a performance review required to be held at the end of 15 and 25 years of service under the All-India service rules.
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