सरकार और पीएम कश्मीर के बिगड़ते हालात पर बने हुए हैं मूकदर्शक- आजाद

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नई दिल्ली। बीते 30 दिनों से जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में जारी हिंसा और कर्फ्यू पर राज्यसभा में विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष में नेता गुलाब नबी आजाद ने कहा है कि वहां की स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सरकार को राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि इस मुद्दे को कानून और व्यवस्था की समस्या के तौर पर न देखा जाए।

आजाद भारत में इतने दिनों तक कर्फ्यू पहली बार

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आजाद भारत ने कभी भी इतने दिनों तक किसी क्षेत्र में कर्फ्यू नहीं देखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जम्मू और कश्मीर के हालात पर बयान जारी करना चाहिए। आजाद ने यह भी कहा कि लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि सरकार क्या कर रही है?

कश्मीर में भड़की हिंसा, फायरिंग में तीन की मौत, मरने वाले का आंकड़ा 53 पहुंचा

शून्य काल के दौरान आजाद ने कहा कि हम इस सरकार को जगाना चाहते हैं। हमें यह एहसास हो रहा है कि सरकार और प्रधानमंत्री बिगड़ते हुए हालात पर मूकदर्शक बने हुए हैं। आजाद ने कहा कि ' हिन्दुस्तान का ताज जल रहा है और उसकी गर्मी दिल्ली तक नहीं पहुंचती। ' सदन में आजाद के कथन को विपक्ष के अन्य सदस्यों द्वारा समर्थन भी मिला।

1,000 युवा किए गए गिरफ्तार

आजाद ने कहा कि 8,000 से ज्यादा लोग जिसमें सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं वो बीते एक महीने से चल रही हिंसा का शिकार हुए हैं। आजाद ने दावा किया कि 410 लोगों के आंखों का ऑपरेशन हुआ और 1650 अन्य सर्जरियां की गईं। वहीं 1,000 युवा गिरफ्तार किए गए। आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री को कश्मीर के हालात पर तत्काल सभी दलों की बैठक बुलानी चाहिए।

बुरहान की मौत के बाद भड़की हिंसा

गौरतलब है कि बीते महीने सेना के एक अभियान में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी की मौत एनकाउंटर में हो गई थी, जिसके बाद से ही राज्य के कई हिस्सों में हिंसा शुरू हो गई थी। इस दौरान सुरक्षाबलों और स्थानीय पुलिस द्वारा भीड़ को तितर बितर करने के लिए पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया था जिसका बड़े स्तर पर विरोध किया गया था।

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English summary
Leader of opposition Ghulam Nabi Azad's gives speech on the Kashmir unrest in the Rajya Sabha during monsoon session.
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