एक साल पहले खुद थीं नक्सली, आज पुलिस के साथ मिल लड़ रहीं नक्सलवाद के खिलाफ जंग

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छत्तीसगढ़। रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिस ने तीन नक्सलियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन में पुलिस के साथ राइफल थामें तीन ऐसी महिलाएं भी थीं, जो एक साल पहले तक खुद नक्सली थीं।

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एक साल पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाली तीन महिलाएं आज पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नक्सलियों के सफाए के लिए जुट गई हैं।

सालभर पहले सरेंडर करने के बाद इन तीन नक्सलियों महिलाओं ने मुख्यधारा में आने की इच्छा पुलिस के सामने जताई थी। इसके बाद इन्हें जिला रिजर्व बल में शामिल किया गया।

 

महिला नक्सलवादी हो सकती हैं, तो पुलिसवाली भी

ट्रेनिंग के बाद जिला रिजर्व बल का हिस्सा बनीं इन तीनों महिलाओं के नाम कोसी, फूलो मारकम और कविता कश्यप हैं। तीनों ही ऑटोमैटिक राइफलों के साथ रहती हैं।

ये पहला मौका है जब बस्तर में महिलाएं इस तरह से माओवाद के खिलाफ लड़ रही हैं। बस्तर के एसएसपी आरएन दास जिला रिजर्व बल में महिलाओं की हिस्सेदारी और बहादुरी की तारीफ करते हैं।

दास का कहना है कि जब नक्सलियों के साथ महिलाएं हथियार उठाकर पुलिस के खिलाफ लड़ सकती हैं, तो फिर पुलिस के साथ क्यों नहीं।

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पुलिस से जुड़ रहीं बस्तर की महिलाएं

एसएसपी दास का कहना है कि इन तीन के अलावा भी दर्जनों महिलाएं जिला रिजर्व बल के साथ काम कर रही हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में ज्यादा नहीं बताया। दास ने कहा कि ये महिलाएं इलाके के लोगों के साथ भी जल्दी घुल-मिल जाती हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर डिविजन लंबे समय से माओवाद की समस्या से जूझ रहा है। यहां पुलिस बल को जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में भारी दिक्कत आती है। ऐसे में पूर्व में माओवादी गतिविधियों में लिप्त रही लड़कियों का पुलिस के साथ आना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है।

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English summary
Former Women Naxals Join Anti Maoist Operation in Chhattisgarh
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