UP: भाजपा का बड़ा दांव, पार्टी में शामिल हुए पूर्व बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या

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दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने आज हाथी का साथ छोड़कर कमल का दामन थाम लिया है। स्वामी प्रसाद मौर्या अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी ऑफिस पहुंचे और अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो गए। इस मौके पर उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या भी मौजूद थे।

swami prasad maurya joined bjp

भाजपा में शामिल होने के बारे में पिछले महीने केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया ने इशारा किया था कि मौर्या जल्दी ही भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं।

यूपी चुनाव के लिए भाजपा का दांव
स्वामी प्रसाद मौर्या को भाजपा में शामिल करना पार्टी का उत्तर प्रदेश चुनाव को ध्यान में रखते हुए बहुत बड़ा दांव माना जा रहा है। मौर्या को पार्टी में शामिल करके भाजपा को गैर यादव ओबीसी वोटबैंक का फायदा मिल सकता है।

मायावती पर पार्टी टिकट बेचकर करोड़ों रुपए जुटाने का आरोप
स्वामी प्रसाद मौर्या ने मायावती पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा था कि चुनाव में पार्टी टिकट बेचकर वह करोड़ों रुपए जमाकर रही हैं ताकि वह विजय माल्या की तरह देश छोड़ सके। मौर्या ने यह भी कहा था कि माया श्वेत पत्र जारी कर ये बताए उनके परिवार के सदस्यों की 50 कंपनियों के पास 2000 करोड़ रुपए कहां से पहुंचे।

मौर्या ने दावा किया था कि मायावती बसपा की स्थापना करने वाले कांशी राम और बाबा साहेब के मिशन की हत्या कर भ्रष्टाचार में डूबी हैं। माया बसपा कार्यकर्ताओं को सिर्फ अपने कलेक्शन एजेंट की तरह इस्तेमाल करती हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्या ने मायावती पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनका दलितों से कोई लेना देना नहीं है। दलितों के नाम पर मायावती वोट बटोरती हैं। अपना मतलब साधने के लिए मायावती दलितों का इस्तेमाल करती हैं।

मायावती पर हमले के बाद बसपा से निकाले गए मौर्या
22 जून को पूर्व बसपा नेता ने सुप्रीमो मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद मायावती ने मौर्या को पार्टी से निकाल दिया था।

बसपा से निकाले जाने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्या के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन सपा के नेता मौर्या के खिलाफ बयानबाजी करने लगे जिससे मामला बिगड़ गया। आजम खान ने मौर्या को एसिड बताते हुए कहा था कि वह जहां जाएंगे, नुकसान ही करेंगे।

यह पहली बार नहीं है जब मौर्या हाथी से उतरे हैं। इससे पहले भी 2001 में मौर्या ने अपनी पार्टी राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी बना ली थी। लेकिन पार्टी जब कुछ खास नहीं कर पाई तो वह सारे मतभेदों को भुलाकर उसका विलय बसपा में करके फिर से मायावती के साथ हो लिए।

गैर यादव ओबीसी वोटबैंक के बड़े नेता हैं मौर्या
62 साल के कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्या बसपा के लिए गैर यादव ओबीसी वोटबैंक जुटाते थे। 2011 में बाबू सिंह कुशवाहा को पार्टी से निकाले जाने के बाद बसपा के लिए मौर्या ओबीसी वोटबैंक का एकमात्र चेहरा थे। मौर्या के भाजपा में शामिल होने से भाजपा को यूपी चुनाव में गैर यादव ओबीसी वोटबैंक का फायदा हो सकता है।

यादव-कुर्मी के बाद यूपी की सबसे बड़ी जाति से आते हैं मौर्या
स्वामी प्रसाद मौर्या उत्तर प्रदेश में ओबीसी में यादव और कुर्मी के बाद सबसे बड़ी जाति से आते हैं। यह जाति अपने सरनेम में मौर्या, कुशवाहा, सैनी और शाक्य लगाते हैं।

मौर्या का राजनीतिक सफर
मौर्या उत्तर प्रदेश की 16वीं विधान सभा में विपक्ष के नेता रहे। वह उत्तर प्रदेश की तीन सरकारों में मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। पहले वह उत्तर प्रदेश में बसपा के स्टेट प्रेसिडेंट थे फिर उसके बाद उनको 2012 मे बसपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था।

मौर्या उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं और पेशे से वकील हैं। 1980 में लोकदल के यूथ विंग का सदस्य बनकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। 1991 में वो जनता दल में शामिल हो गए। जनता दल छोड़ते समय वह उसके स्टेट जेनरल सेक्रेटरी थे।

2008 में उत्तर प्रदेश में बसपा के स्टेट प्रेसीडेंट के रूप में चुने जाने के बाद मौर्या पार्टी के कद्दावर नेता बनकर उभरे। बाबू सिंह कुशवाहा के पार्टी से निकाले जाने के बाद पार्टी में उनकी पोजिशन और भी मजबूत हो गई। 2012 में वह बसपा के राष्ट्रीय महासचिव बने। वह एकमात्र ऐसा नेता थे जिनको मायावती ने मीडिया से बात करने के लिए पार्टी प्रवक्ता बनाया था।

मौर्या उत्तर प्रदेश के पडरौना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह चार बार विधायक बन चुके हैं। मौर्या बौद्ध धर्म के अनुगामी हैं और अंबेदकर की विचारधारा का अनुसरण करते हैं। वह बसपा की विचारधारा और नीतियों से भलीभांति वाकिफ थे।

 

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English summary
Former BSP leader and strong leader of OBC caste in UP, Swami Prasad Maurya joined Bhartiya Janta Party today.
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