इन 5 गलतियों की वजह से उरी आर्मी बेस पर हुआ आतंकी हमला!

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उरी में आर्मी बेस पर हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तहकीकात शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में ऐसी कई खामियां मिली हैं जिनकी वजह से आतंकी आसानी से आर्मी बेस तक पहुंच गए।

1. आर्मी बेस की सुरक्षा में लापरवाही

1. आर्मी बेस की सुरक्षा में लापरवाही

एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सेना के संवेदनशील बेस की सुरक्षा में लापरवाही बरती गई। आर्मी बेस के चारों ओर घेराव भी सही से नहीं किया गया है, जिसकी वजह से आतंकी आसानी से अंदर दाखिल हो गए।

2. सेना की हर गतिविधि पर रखी जा सकती है नजर

2. सेना की हर गतिविधि पर रखी जा सकती है नजर

एजेंसी ने जांच में पाया कि हमले के दौरान मार गिराए गए चारों आतंकी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से हाजी पीर के रास्ते 16/17 सितंबर की रात उरी सेक्टर में दाखिल हुए। आतंकियों ने आर्मी बेस पर नजर बनाए रखने के लिए सुखदार गांव में ठिकाना जमाया था। यह गांव ऐसी जगह पर स्थित है जहां से आर्मी बेस की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकती है।

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3. आर्मी बेस के पास घास और झाड़ियां

3. आर्मी बेस के पास घास और झाड़ियां

जांच में पता चला है कि आर्मी बेस के पास जंगली घास और झाड़ियों की भरमार है। ऊंची घास और झाड़ियों की वजह से आतंकियों की गतिविधियों पर सेना की नजर नहीं गई। इसी का फायदा उठाकर आतंकी आर्मी बेस के पास लगाए गए कंटीले तारों तक पहुंच गए और उन्हें काटकर अंदर दाखिल हो गए। सुरक्षा मानकों के मुताबिक, सेना के कैंप के आसपास लंबी घास समय-समय पर काटा जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

4. गार्ड पोस्ट से भी हुई अनदेखी

4. गार्ड पोस्ट से भी हुई अनदेखी

शुरुआती जांच में जिस बड़ी खामी का जिक्र हुआ है वह है दो गार्ड पोस्ट के काम में लापरवाही बरतने का। ये पोस्ट एक-दूसरे से करीब 150 फीट की दूसरी पर स्थित हैं। माना जा रहा है कि दोनों गार्ड पोस्ट में कोऑर्डिनेशन की कमी रही होगी, जिसकी वजह से आतंकियों की घुसपैठ पर ध्यान नहीं दिया गया।

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5. खुफिया इनपुट को नजरअंदाज करना

5. खुफिया इनपुट को नजरअंदाज करना

एनआई की जांच में पता चला है कि खुफिया एजेंसियों ने तीन दिन पहले ही आतंकियों के सीमा पार से आने और उरी में हमले की साजिश की जानकारी सेना समेत सभी सुरक्षाबलों को दे दी थी। लेकिन सेना ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और यही लापरवाही मुसीबत बन गई।

आर्मी बेस पर हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हुए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उरी टाउन में हमले के 24 घंटे पहले की गई फोन कॉल और इंटरनेट डाटा इस्तेमाल की डीटेल निकालकर जांच कर रही है।

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English summary
five mistakes due to which uri army base was attacked and 18 martyr
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