नोटबंदी पर बैंकरों का दर्द: झेल रहे हैं 'सड़े चमड़े जैसी बदबू', मिल रही गालियां और धमकियां

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मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान कर देशभर में 500-1000 रुपए के नोट को अवैध घोषित कर दिया। सरकार ने लोगों को अपने पास रखे 500-1000 के नोट बदलने के लिए 50 दिनों का वक्त दिया। सरकार के आदेश के बाद बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगने लग गई। नोट बदलने और नए नोटों को बांटने से पहले बैंकों का पूरी तैयारी करनी पड़ी। परेशान ना हों, ये ऐप बताएगा कहां, किस ATM में है कितना कैश?

banker

नोट बदलने के लिए लोग लंबी-लंबी लाइनों में घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते है। टीवी चैनल और मीडिया वाले इन लोगों की परेशानियों की खूब चर्चाएं करते है, लेकिन क्या किसी ने बैंक के कर्मचारियों के बारे में सोचा जो लगातार दिन-रात काम कर रहे हैं । पीएम के ऐलान के बाद ये लोग शनिवार और रविवार को भी बिना छुट्टी के काम कर रहे हैं। सुबह जल्दी बैंक पहुंचने से लेकर देर रात तक बैंकों में काम हो रहा है। लेकिन किसी ने उन बैंकरों को होने वाली परेशानियों का जिक्र नहीं किया।

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ऐसे में एक महिला बैंकर ने सोशल नेटवर्किंग पर अपनी परेशानियों का जिक्र किया है। फेसबुक पर 'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' पेज ने एक पोस्ट में मुंबई की एक बैंक के मैनेजर ने लिखा है कि नोटबंदी के बाद लोगों की कतार बैंकों के बाहर लंबी हो रही है तो बैंक कर्मचारियों की परेशानियां भी बड़ रही है। उन्हें न खाने की फुरसत हैं ना दो पल चैन से सांस लेने की। महिला बैंकर ने अपना दर्द शब्दों में बयां करते हुए लिखा है कि हमारे पास वह काला धन जमा करवाया जा रहा है, जो संभवतः कई-कई सालों से छिपाकर रखा गया था, और उसमें से सड़े हुए चमड़े जैसी दुर्गंध आ रही है।

नोटों से आने वाली इस बदबू से बचने के लिए हमारी हर शाखा में काम करने वाले कैशियरों के लिए मास्क का ऑर्डर किया गया है। बैंक कर्मचारी खुद भी भूखे-प्यासे रहकर लगातार काम कर रहे हैं। बैंकर लिखती हैं कि बैंक आने वाले कुछ लोगों का व्यवहार बेहद अजीब है ।

वो लोग हमसे बुरी तरह पेश आ रहे हैं। लोग उन्हें गालियां दे रहे हैं। कोई उनपर चिल्ला रहा है तो कोई मुझे दोष दे रहा है। इतना ही नहीं जिन लोगों को इस फैसले की वजह से मजबूर होकर अपना काला धन उजागर करना पड़ रहा है, वो बैंकर्स को धमकियां दे रहे हैं। लोग उन्हें धमकियां दे रहे हैं कि अगर हमने उनके पैसे को नहीं बदले तो अच्छा नहीं होगा। महिला बैंकर का ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

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English summary
Among those citizens are the bankers who have been working tirelessly since the announcement, making sure to smooth things out to the best of their ability.
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