उत्तराखण्ड के इस शहीद के परिवार को आज तक नहीं मिली कोई सरकारी सुविधा

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लालकुंआ (उत्तराखण्ड)। यूं तो सरकारें और नेता सैनिकों की भलाई और उनकी जिम्मेदारी को लेकर बड़े दावे और वादे करते हैं लेकिन उत्तराखण्ड स्थित लालकुंआ में देश के लिए शहीद हुए मोहन नाथ गोस्वामी के परिवार को आज भी चंद सुविधाओं के लिए दर-दर की ठोकरे खानी पड़ रही हैं।

बता दें कि लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी बीते साल 3 सितंबर को तब वीरगति को प्राप्त हुए थे जब कश्मीर घाटी में 10 आतंकियों को मार गिराया गया था। मोहन अपने दो साथियों की जान बचाने के दौरान शहीद हो गए थे।

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मिला था अशोक चक्र

इसी साल 26 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शहीद मोहन नाथ को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा था जो जिसे लेने के लिए खुद उनकी पत्नी भावना गोस्वामी पहुंची थी।

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हालांकि उनके परिवार के लिए घोषित की गई किसी भी योजना का लाभ अब तक नहीं मिला।

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नहीं पूरा हुआ वादा

उनकी पत्नी भावना ने बताया कि परिवार के लोगों के लिए बहुत सारे वादे किए गए थे लेकिन कोई वादा नहीं पूरा हुआ। न ही सरकारी नौकरी का वादा पूरा हुआ, न ही कोई और किया गया वादा।

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मोहन नाथ की मां ने कहा कि राज्य सरकार ने नौकरी देने का वादा किया था वो भी नहीं दी गई। साथ ही कहा गया था कि स्टेडियम उसके नाम किया जाएगा लेकिन अब तक वो भी नहीं हुआ।

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English summary
Family of martyr Lance Naik Mohan Goswami, an Ashoka Chakra awardee, yet to receive help announced by the state govt
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