अपनी पोती का छोड़कर गिलानी ने बंद कराए कश्मीर के सारे स्कूल

8 जुलाई को बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर में हिंसा फैल गई थी, जिसके बाद से ही हुर्रियत ने कश्मीर के सभी स्कूल बंद करा रखे हैं।

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श्रीनगर जहां एक ओर कश्मीर में हुर्रियत ने सभी स्कूल बंद करा रखे हैं, वहीं दूसरी ओर श्रीनगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में 573 बच्चों ने अपने इंटरनल एग्जाम दिए हैं। आपको बता दें कि दिल्ली पब्लिक स्कूल में अलगाववादी नेता और हुर्रियत के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी की पोती भी पढ़ती है।

gilani

8 जुलाई को बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर में हिंसा फैल गई थी, जिसके बाद से ही हुर्रियत ने कश्मीर के सभी स्कूल बंद करा रखे हैं। इस तरहस से कश्मीर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल पिछले 111 दिनों से बंद हैं।

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गिलानी की पोती 10वीं कक्षा में है। स्कूल ने हाई सिक्योरिटी के बीच 1 अक्टूबर से लेकर 5 अक्टूबर तक अपने यहां इंटरनल एग्जाम कराए। पिछले तीन हफ्तों में कश्मीर के तीन सरकारी स्कूलों को आग भी लगा दी गई है। हालांकि, हुर्रियत ने इसका विरोध किया, लेकिन स्कूल खुलने की इजाजत नहीं दी।

गिलानी की पोती के पिता का नाम नईम जफर गिलानी है, जो गिलानी के सबसे बड़े बेटे हैं। आपको बता दें कि नईम अपने पिता के साथ नहीं रहते हैं ना ही वह गिलानी की पार्टी के कोई सदस्य हैं। नईम श्रीनगर में रहते हैं।

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नईम ने कहा है कि अगर उनकी पोती पेपर नहीं दे पाती तो अन्य छात्रों की तरह उसकी पढ़ाई भी खराब होती और उसे मार्च में होने वाली फाइनल परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाता। वह यह भी बोले कि परीक्षा उस दौरान हुई जब अलगाववादियों ने विरोध प्रदर्शन थोड़ी देर के लिए रोक दिया था।

डीपीएस इकलौता ऐसा स्कूल नहीं था जिसने कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शन को दरकिनार किया। हाल ही में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने भी एग्जाम करवाए थे। इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नालॉजी ने भी पेपर देने के लिए स्टूडेंट्स को बुलाया था।

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English summary
every school closed in kashmir except gilani grandchild school
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