उंगली पर स्याही के निशान को लेकर चुनाव आयोग ने लिखी चिट्ठी

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नई दिल्ली। 500 और 1000 के पुराने नोट बदलने के लिए बैंकों में लोगों की उंगली पर लगाई जी रही अमिट स्याही को लेकर चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है।

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चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर कहा है कि आगामी दिनों में कई राज्यों में चुनाव होने हैं। अगर लोगों की उंगली पर अभी स्याही लगेगी तो चुनाव के दौरान समस्या पैदा होगी, इसलिए स्याही लगाते समय सावधानी बरतें।

गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय ने बैंकों में भीड़ कम करने का तर्क देते हुए बुधवार से 500 और 1000 के पुराने नोटों को बदलने के लिए उंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाने की व्यवस्था शुरू की है।

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वित्त सचिव शक्तिकांतदास ने मंगलवार को कहा था कि अब बैंक में पैसे जमा करने और निकालने जाने वालों की उंगली पर स्याही लगाई जाएगी। यह स्याही वैसी ही होगी जैसी चुनाव के समय लोगों की उंगली में लगाई जाती है।

शक्तिकांतदास ने कहा था कि कई लोग कालाधन को सफेद करने का रैकेट चला रहे हैं, लोग अपने लोगों को बैंको में पैसा डालने के लिए भेज रहे हैं। ऐसे में एक ही व्यक्ति कई बार बैंक पहुंच रहा है जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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उन्होंने कहा कि इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने उन लोगों की उंगली में स्याही लगाने का फैसला लिया है जिससे कि एक ही व्यक्ति कई बार बैंक में पैसा जमा करने और निकालने नहीं आए।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन ने भी उठाए सवाल

सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए बुधवार को ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन के वाइस प्रेसिडेंट डी थॉमस फ्रैंको ने कहा था कि लोगों की भीड़ कम करने के लिए उनकी उंगली पर स्याही लगाने का ये फैसला ठीक वैसा है, जैसा कि किसी चूहे को मारने के लिए घर को आग लगा देना।

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उनका यह भी कहना था कि नोटबंदी का फैसला जीने के मौलिक अधिकार का हनन है। सरकार के इस फैसले से व्यक्ति अपने ही अकाउंट से अपना ही पैसा नहीं निकाल पाएगा।

8 नवंबर को बंद हुए थे 500-1000 के नोट

गौरतलब है कि 8 नवंबर की आधी रात के बाद यानी 9 नवंबर से ही मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बैन कर दिया है। इसके बदले सरकार ने फिलहाल 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए हैं।

सरकार ने यह कदम कालेधन पर लगाम लगाने के चलते उठाया है। सरकार के अनुसार इस कदम से आतंकवादियों और नक्सलियों को होने वाली फंडिंग पर भी रोक लगेगी।

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English summary
Election Commission write to Finance ministry not to use indelible ink in banks for changing old 500 and 1000 rupees notes.
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