बजट की तारीख पर चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

चुनाव आयोग ने विपक्ष की मांग पर केंद्रीय बजट को घोषित करने की तारीख के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा को भेजे पत्र में पूछा है कि क्या बजट की तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है? इसके लिए आयोग ने 10 जनवरी तक जवाब देने के लिए कहा है। बता दें कि विपक्षी दलों की मांग है कि 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट की तारीख आगे बढ़ा दी जाए। इस मुद्दे पर आयोग,केंद्र सरकार की राय जानना चाहता है ताकि इसके बाद वो कोई फैसला ले सके।

बजट की तारीख पर निर्वाचन आयोग ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

विपक्षी दलों ने मांग की है कि केंद्रीय बजट 8 मार्च के बाद पेश किया जाए। बता दें कि देश के पांच राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार की तरफ से 1 फरवरी, 2017 को अग्रिम बजट पेश करने के फैसले को लेकर विपक्षी दल राष्‍ट्रपति और भारतीय चुनाव आयोग के पास गए थे। विपक्षी दलों का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से पेश किया जाने वाला बजट केंद्र सरकार की मदद करेगा। इस बाबत कांग्रेस समेत छह विपक्षी दलों ने राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा गया है कि अग्रिम बजट पेश करने से केंद्र सरकार को आने वाले पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में मदद मिल सकती है। आपको बताते चलें कि कैबिनेट कमेटी ऑफ पॉर्लियामेंट्री अफेयर्स ने मंगलवार को 31 जनवरी से अगला बजट सत्र शुरु होने का निर्णय किया है।
विपक्ष ने आयोग के तीन मुख्य अधिकारियों, मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी, चुनाव आयुक्त ओपी रावत और एके जोटी के समक्ष भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं शुक्रवार (6 जनवरी) को पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने बजट की तारीख को 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए आगे बढ़ाने की विपक्ष की मांग को जनता के खिलाफ बताते हुए कहा कै कि यूनियन बजट देश का होता है ना कि किसी राज्य विशेष के लिए। कहा कि बजट ना होने का मतलब है कोई विकास ना होना, कोई कल्याण ना होना। क्या आप ये चाहते हैं? और ना आम जनता को कोई मदद होगी, ना किसानों को कोई मदद की जा पाएगी। क्या आप यही चाहते हैं? आप विरोध क्यों कर रहे हैं? बजट, बजट होता है।
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उपरोक्त मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए नायडू ने उक्त बाते कहीं। नायडू ने कहा कि बजट, जनता के लिए होगा। भविष्य के लिए होगा। टैक्सेशन प्रपोजल क्या हो? रेवेन्यू मॉडल क्या हो? यह संसद के समक्ष रखा जाएगा। यह देश के लिए होगा। यह किसी राज्य विशेष के लिए नहीं होगा। इसी विषय पर सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मांग की गई थी कि केंद्रीय बजट की तारीख को आगे बढ़ाया जाने के विषय में जल्द-जल्द सुनवाई की जाए। वहीं 1 फरवरी को सदन में बजट प्रस्तुत करने का दिन तय हैं। उसके ठीक तीन दिन यानी 4 तारीख से उत्तर प्रदेश,गोवा,उत्तराखण्ड,मणिपुर और पंजाब के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ये भी पढ़ें: बोले वैंकेया - बजट किसी राज्य विशेष के लिए नहीं देश का होता है, पेश ना होने से रुक जाएगा विकास

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Election commission of india asks central govt to respond to Opposition’s Budget date postpone demand
Please Wait while comments are loading...